लखनऊ। यह नजारा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शहर के वीआईपी इलाके का है। लखनऊ कानपुर रोड पर स्थित लखनऊ मेट्रो डिपो यूपीएमआरसी का डिपो कार्यालय जिसके सामने बहता हुआ यह जल कोई साधारण जल नहीं, बारिश की वजह से भरा हुआ जल नहीं, एक उफनाता हुआ सीवर का गन्दा, बदबूदार, जीवन भक्षक, बीमारी प्रसारक जल है। यह हाल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थिति मेट्रो डिपो के ठीक गेट के सामने का नज़ारा है। यह कोई महज इत्तेफाक नहीं है। यह तो आय दिन का नज़ारा है। शहर की बाकी जगहों के बारे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाकी जगहों पर क्या ही हाल होगा। यह नज़ारा उन सभी जिम्मेदार लोगों के लिए प्रश्नवाचक चिंन्ह है ?कि कैसे जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं। यह वीआईपी रोड़ स्थित मेट्रो डिपो व ट्रान्सपोर्ट नगर मेट्रो के समीप साल के बारह मास यही दर्द विराजमान रहता है। जब कि सभी जिम्मेदार चाहे वह लोकसेवक हों, या जनसेवक, सभी का इस मार्ग से निरन्तर आवागमन रहता है। किन्तु मेट्रो निर्माण से लेकर आज तक यह समस्या जस की तस हिमालय की तरह विराजमान हैं। शायद किसी को इस समस्या से कोई लेना देना इसलिए भी नहीं है क्यों कि इसका सामना आमजन, मेट्रो कर्मियों, को ही करना होता है और उनकी तो मजबूरी है, क्योंकि परिवार के भरण पोषण के लिए नौकरी जरूरी है। इस ख़बर के प्रकाशन के उपरान्त क्या कुम्भकर्णी नींद में सोया हुआ जिम्मेदार प्रशासन व क्षेत्रीय जनसेवकों की नींद खुलेंगी या नहीं यह तो आगामी दो चार दिनों में ही पता चल सकेगा। किन्तु इस समस्या का स्थायी समाधान तो करना ही होगा ताकि इस क्षेत्र में व्याप्त इस महामारी उत्पन्न करने वाली परेशानी से मेट्रो कर्मियों सहित, आमजन व क्षेत्रीय जनता को भी राहत प्रदान की जा सके। इस शर्मनाक स्थिति की वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने के समय वहाँ मेट्रो डिपो पर मौजूद सुरक्षा कर्मी द्वारा वीडियो बनाने का विरोध भी किया गया ताकि इस शर्मनाक घटना की जानकारी किसी अन्य को न हो सके परन्तु तब तक सम्पूर्ण घटना कैमरे में कैद हो चुकी थी।
नगर निगम जोन- 5 के वीआईपी इलाके में नारकीय जीवन जीने को मजबूर लोग
