लखनऊ। राजधानी में विकास प्राधिकरण (LDA) के कर्मचारियों की गुंडागर्दी का एक
लखनऊ: कवरेज करने गए पत्रकारों पर LDA कर्मियों का हमला, मोबाइल छीना और दी मुकदमा लिखवाने की धमकी
लखनऊ। राजधानी में विकास प्राधिकरण (LDA) के कर्मचारियों की गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। विकास प्राधिकरण द्वारा जबरन पेड़ काटे जाने का विरोध कर रहे किसानों की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ LDA के अधिकारियों और कर्मचारियों ने न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन पर हमला कर मोबाइल फोन भी छीन लिया।
🛑क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, विकास प्राधिकरण की टीम द्वारा क्षेत्र में जबरन पेड़ काटे जा रहे थे, जिसका स्थानीय किसान पुरजोर विरोध कर रहे थे। मौके पर हो रहे हंगामे की सूचना पाकर पत्रकार शशांक मिश्रा, सुशील कुमार और कैमरामैन राहुल कुमार कवरेज के लिए वहां पहुंचे थे।
🛑लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार
जैसे ही पत्रकारों ने अवैध रूप से हो रहे कार्य और किसानों के हंगामे का वीडियो बनाना शुरू किया, मौके पर मौजूद विकास प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी उग्र हो गए।
वीडियो बनाने से रोका: अधिकारियों ने कवरेज कर रहे पत्रकारों को तत्काल वीडियो रोकने का दबाव बनाया।
हाथापाई और लूट: मना करने पर कर्मचारियों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की और पत्रकार का मोबाइल फोन छीन लिया।
झूठे मुकदमे की धमकी: हद तो तब हो गई जब पत्रकारों को डराने के लिए महिला कर्मचारी के जरिए छेड़छाड़ या अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखवाने की धमकी दी गई।
🛑किसानों में भारी रोष
एक तरफ जहां पेड़ों की कटान को लेकर किसान पहले से ही आक्रोशित थे, वहीं पत्रकारों के साथ हुई इस बदसलूकी ने आग में घी डालने का काम किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राधिकरण अपनी कमियों को छिपाने के लिए तानाशाही पर उतारू है।
”पत्रकारों पर हमला सीधे तौर पर प्रेस की आजादी को दबाने की कोशिश है। कवरेज करने से रोकना और फोन छीनना यह दर्शाता है कि प्राधिकरण कुछ न कुछ अवैध कार्य छुपाने की कोशिश कर रहा था।”
इस घटना के बाद पीड़ित पत्रकारों ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है और हमलावर कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
