अवध चौराहा बना अवैध बसों का अड्डा, बस माफ़ियाओं का बोलबाला

Spread the love

परिवहन विभाग व पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

दीपक कुमार विश्वकर्मा

लखनऊ। राजधानी के व्यस्ततम अवध चौराहा और अवध बस स्टेशन क्षेत्र में इन दिनों अवैध/डग्गामार बसों का बेखौफ संचालन चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और रोडवेज कर्मचारियों का आरोप है कि यहां नियमों को ताक पर रखकर बसें सवारी भर रही हैं, जिससे यातायात जाम, यात्रियों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व—तीनों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बिना परमिट या परमिट शर्तों का उल्लंघन कर चल रही बसें खुलेआम सड़कों पर दौड़ रही हैं। रोडवेज कर्मियों ने पूर्व में अवध बस स्टेशन पर डग्गामारी के विरोध में प्रदर्शन भी किया था, जिसमें अवैध बसों पर कार्रवाई की मांग उठी थी। इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चौराहे पर दिनभर अव्यवस्था रहती है। सवारियां उठाने के लिए बसें मनमाने ढंग से रुकती हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। वहीं, रोडवेज कर्मचारियों का आरोप है कि नियमों का पालन कराने का दबाव सिर्फ सरकारी बसों पर है, जबकि डग्गामार बसों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
हाल के महीनों में परिवहन विभाग ने शहर के कई इलाकों में चेकिंग अभियान चलाकर अवैध बसों को सीज करने का दावा किया है, लेकिन अवध चौराहा जैसे हॉटस्पॉट पर समस्या बार-बार सिर उठा रही है।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किसकी शह पर अवैध बसें चल रही हैं? आधिकारिक तौर पर किसी व्यक्ति या अधिकारी के संरक्षण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन निगरानी में ढिलाई और विभागीय लापरवाही के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। रोडवेज संगठनों ने उच्च अधिकारियों से स्थायी समाधान और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अब देखना यह है कि प्रशासन अवध चौराहा को डग्गामारी से मुक्त करने के लिए कब तक ठोस कदम उठाता है, या फिर बस माफ़ियाओं का यह बोलबाला यूं ही जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *