14 नवम्बर को होगा बायलर पूजन
संवाददाता
बहेड़ी। केसर चीनी मिल का पेराई सत्र 18 नवम्बर से शुरू होगा.मिल प्रबंधन ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं.मिल प्रबंधन इस साल खरीदे गन्ने का भुगतान एक सप्ताह में करने का वादा करते हुए मिल चलाने का एलान किया है. पिछले साल के बक़ाया पैसे को 30 दिसम्बर तक भुगतान करने का भरोसा भी दिया है.केसर मिल के अब तक न चलने से किसानों को गन्ना पड़ोस की चीनी मिल को कम दामों पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं.
केसर चीनी मिल काफ़ी समय से आर्थिक संकट से गुज़र रही है. इस वक़्त भी मिल पर पिछले साल का करीब 145 करोड़ रूपये गन्ना मूल्य बक़ाया है. मिल के पैसा न देने की वजह से करीब 25 गन्ना क्रय केंद्र काट दिए गए हैं, जिसके चलते मिल को उसकी पेराई क्षमता के हिसाब से गन्ना मिलना मुश्किल हो जाएगा. इसी बात को लेकर मिल के चलने या न चलने को लेकर अटकलें लग रही थीं.
अब मिल प्रबंधन ने तमाम संशयों को ख़त्म करते हुए मिल चलाने का एलान कर दिया है.
मिल में कल 13 नवंबर को बायलर पूजन किया जाएगा और 15 नवम्बर से क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू कर दी जाएगी. मिल ने गन्ना खरीद के लिए इंडेंट भी जारी कर दिया है.
एक सप्ताह में करेंगे भुगतान
केसर मिल के सीइओ शरत मिश्रा ने कहा कि इस साल गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को एक सप्ताह में गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा. उनका कहना है कि पिछले साल का बक़ाया गन्ना मूल्य 31 दिसम्बर तक करने का प्रयास किया जाएगा.
320 रूपये में गन्ना बेचने को मजबूर किसान
केसर मिल के अब तक न चलने का फायदा पड़ोस की चीनी मिल उठा रही है. वह किसानों से गन्ना 320 रूपये कुंटल खरीद रही है, जबकि गन्ने का न्यूनतम मूल्य 400 रूपये कुंटल है. खेत खाली करने की हड़बड़ी में किसान कम पैसों में अपना गन्ना दिए दे रहा है. कुछ गन्ना माफिया भी इस काम में सक्रिय हो गए हैं, और किसानों से कम कीमत पर गन्ना खरीद कर पड़ोस की चीनी मिल ले जा रहे हैं.
