लेखपालों की मांगों पर कार्रवाई न होने से आक्रोश, बैठे धरने पर

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वरिष्ठ पत्रकार नागेश गुप्ता*
बरेली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों और विभागीय उपेक्षा के विरोध में आज तहसील सदर में शांतिपूर्ण धरना दिया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस धरने में बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल हुए और सरकार से समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष योगेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि पिछले 9 वर्षों से वेतनमान उच्चीकरण, पदनाम परिवर्तन, एसीपी विसंगति, मृतक आश्रित लेखपालों की पुरानी पेंशन, स्टेशनरी भत्ता वृद्धि, वाहन मोटरसाइकिल भत्ता, विशेष वेतन भत्ता तथा राजस्व निरीक्षक व नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पद सृजन जैसी महत्वपूर्ण मांगों पर सैकड़ों पत्राचार और विभागीय सहमति के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई।
संघ के अनुसार लगभग 3000 लेखपाल अपने परिवारों से 500 से 1000 किमी दूर तैनाती के कारण तनाव में कार्य कर रहे हैं, जबकि अंतर मंडलीय स्थानान्तरण हेतु 23 अगस्त 2018 के शासनादेश के अनुसार ऑनलाइन आवेदन तो ले लिये गए, परंतु आज तक स्थानांतरण सूची जारी नहीं हुई।
संघ ने यह भी कहा कि 2 जुलाई 2025 और 3 सितंबर को दिए निर्देशों के बावजूद राजस्व निरीक्षक पद पर चयन वर्ष 2025–26 की डीपीसी अभी तक नहीं हो सकी।
5 अक्टूबर 2025 को मथुरा में आयोजित प्रांतीय बैठक में 75 जिलों से आए पदाधिकारियों ने विभागीय उपेक्षा पर कड़ी नाराजगी जताई थी और आंदोलन का निर्णय लिया था।
मुख्य मांगें है लेखपालों का प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (29200–92300) किया जाए। पदनाम परिवर्तन एवं एसीपी विसंगति दूर की जाए। मृतक आश्रित लेखपालों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये किया जाए।
नियत यात्रा भत्ते की जगह वाहन मोटरसाइकिल भत्ता लागू किया जाए।
विशेष वेतन भत्ता 100 से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पदों का सृजन किया जाए। संघ ने कहा कि सीमित मैनपावर और संसाधनों के बावजूद लेखपाल विभागीय कार्यों के साथ अन्य विभागों की योजनाओं को भी पूरी निष्ठा से पूरा करते हैं। परंतु लगातार उपेक्षा के कारण अब आंदोलन अनिवार्य हो गया है। धरने पर बैठने वाले में निर्दोष शर्मा , सौरभ सिंह चौहान , रमेश चंद्र शर्मा , शिव शंकर लाल, अमित सक्सेना , सौरभ कुमार , जयदीप कुमार आदि मौजूद थे।

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