उत्तर प्रदेश के अधिकांश चौकियों पर इसी प्रकार चौकी प्रभारियों के नम्बर नही लिखे है
विशेष संवाददाता
जे,बी,सिंह की रिपोर्ट
लखनऊ । कृष्णा नगर कोतवाली अन्तर्गत पुलिस चौकी भोला खेड़ा जहाँ नए दरोगा बादल सिंह को चौकी का चार्ज मिल गया उन्होंने चौकी प्रभारी की नेम प्लेट अपने नाम के साथ लगा ली लेकिन अपना मोबाइल नम्बर नही डाला ,चौकी के ऊपर एक बोर्ड लगा है जो वर्षो पहले लगाया गया था उस समय जो चौकी प्रभारी थे उन्ही का नम्बर अभी तक पड़ा है ,जय हो पुलिस महकमा आम जनता को इस समस्या से बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं ,इतना ही नही पीड़ितों द्वारा जब चौकी पहुँच कर प्रभारी का नम्बर मांगा जाता है तो वहाँ तैनात सिपाही, दीवान, दरोगा का कहना होता हैं कि नम्बर देने की इजाजत हमको नही हैं चौकी प्रभारी ने मना कर रखा हैं ,अब समस्या यह हैं कि चौकी प्रभारी कब आएंगे जाएंगे यह निश्चित नही रहता कभी कोर्ट के काम से कभी थाने के काम से कभी घर के व्यक्तिगत काम से कभी वीआईपी
ड्यूटी ,कभी विवेचना के सिलसिले में कभी गस्त का हवाला दे दिया जाता हैं ,लगभग यही हाल राजधानी लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश की अधिकांश चौकियों का है ,नए बैच के अधिकांश दरोगाओ जिनको चौकियों का चार्ज मिल रहा है उनमें यह दरोगा होने का फक्र नही दिखता बल्कि घमण्ड नजर आता है ऐसा जनता का कहना हैं , उत्तर प्रदेश में चौकियों पर प्रभारियों के नंबर नहीं होने से आदेशों का उल्लंघन हो रहा है। यह जानकारी एक महत्वपूर्ण समाचार है जिसमें प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है। उत्तर प्रदेश में चौकियों पर प्रभारियों के नंबर नहीं, आदेशों का उल्लंघन उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित पुलिस चौकियों पर प्रभारियों के नंबर नहीं होने से आम जनता को परेशानी हो रही है। यह आदेशों का स्पष्ट उल्लंघन है, जिससे लोगों में आक्रोश है। पुलिस चौकियों पर प्रभारियों के नंबर नहीं होने से आम जनता को अपनी शिकायतें दर्ज करने और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो रही है। यह समस्या लगभग सभी जिलों में देखी जा रही है, जिससे लोगों को अपनी सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रशासनिक लापरवाही, संसाधनों की कमी, और अधिकारियों की अनदेखी शामिल हो सकती है। इस समस्या के कारण आम जनता को अपनी सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इससे लोगों का पुलिस प्रशासन पर से विश्वास उठ सकता है और सामाजिक असंतोष बढ़ सकता है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने होंगे। पुलिस चौकियों पर प्रभारियों के नंबर प्रदर्शित करने के आदेश दिए जाने चाहिए और इसकी अनुपालन सुनिश्चित की जानी चाहिए। उत्तर प्रदेश में पुलिस चौकियों पर प्रभारियों के नंबर नहीं होने से आदेशों का उल्लंघन हो रहा है। इससे आम जनता को परेशानी हो रही है और सामाजिक असंतोष बढ़ रहा है। प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे।
