सीतापुर-मिश्रिख विश्व विख्यात 84 कोसीय होली परिक्रमा मेला का आज समापन होलिका दहन के बाद हो गया है।84 कोसीय परिक्रमा पंद्रह दिनों दो जिलों से होकर हरदोई और सीतापुर से गुजरती है।उसके बाद परिक्रमार्थी मिश्रिख में पांच दिन रुककर पंचकोसीय परिक्रमा करते है।होलिका दहन के दिन परिक्रमार्थी दधीचि कुंड में स्नान करके अपने अपने घरों को वापस होने लगते है।इस बार 84 कोसीय परिक्रमा में व्यसपीठाधीस अनिल कुमार शास्त्री पहली बार शामिल होकर के 84 कोस का परिक्रमा करके उसके बाद मिश्रिख में रुककर पांच कोसीय परिक्रमा किया।अनिल शास्त्री के साथ तीन हाईटेक रथ सुंदर झांकियो के साथ परिक्रमा में चल रहे थे।जो परिक्रमा में आकर्षण का केन्द्र बने हुए थे। वही आज परिक्रमा समापन के अवसर पर व्यासपीठाधीस वेद व्यास धाम नैमिषारण्य अनिल कुमार शास्त्री ने दधीचि कुंड तीर्थ में स्नान करके पूजन किया और साध-संतो को दक्षिणा वितरण करके उनका आशीर्वाद लिया। व्यसपीठाधीस अनिल कुमार शास्त्री ने सभी को 84 कोसीय परिक्रमा और भगवान दधीचि का महत्व बताया और प्रत्येक वर्ष 84 कोसीय परिक्रमा में शामिल होने के लिए कहा। इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा।परिक्रमा में मुख्य जजमान मनोज जोशी हल्द्वानी उत्तराखंड,घनश्याम सोमानी, रंजीत शास्त्री, राज शास्त्री, रामकिशोर दीक्षित, संजय पांडे, विमलेश दास, कपिल देव शास्त्री, हर्षित शांडिल्य, शुभम दीक्षित, जितेंद्र सैनी मीडिया प्रभारी सहित तमाम आगंतुक गण और पत्रकार साथी मौजूद रहे
प्रतापगढ़ मानिकपुर से राकेश कुमार धुरिया की रिपोर्ट
व्यासपीठाधीस ने दधीचि कुंड में स्नान करके साधु–संतो को दिया दक्षिणा
