एक महीने में डीपीआर तैयार करने के दिए निर्देश
संवाददाता समर्थ कुमार सक्सेना
लखनऊ। खरगापुर में सीवर की बढ़ती समस्या से लोग काफी परेशान हैं, खासकर जब सीवर का पानी सड़कों पर भरने लगता है। इस समस्या को लेकर महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने रविवार को खरगापुर क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सीवर के पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है, और इसे तत्काल समाधान की आवश्यकता है।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द समाधान निकालने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने जोन 4 के एक्सईएन को स्पष्ट रूप से कहा कि जल निकासी की उचित व्यवस्था के लिए एक विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार किया जाए। इस प्रोजेक्ट को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, ताकि वे समाधान की दिशा में ठोस कदम उठा सकें और लोगों को राहत मिल सके।
साथ ही खरगापुर एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के पास भी नाला बनाने को लेकर कहा है। यहां भी क्षेत्र के लोगों को जल निकासी को लेकर जूझना पड़ रहा है। इन दोनों प्रोजेक्ट का डीपीआर महापौर ने एक महीने के अंदर मांगी है।
महापौर ने इस योजना पर जोर दिया ताकि भविष्य में सीवर के पानी से संबंधित समस्याओं का समाधान स्थायी रूप से किया जा सके। इसके तहत सीवर के पानी की सही जल निकासी और ट्रीटमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे इलाके की सड़कों पर जलभराव की समस्या खत्म हो सके और क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
स्थानीय निवासियों ने महापौर और नगर आयुक्त के इस पहल का स्वागत किया और उन्हें आशा है कि जल्द ही उनके क्षेत्र में जल निकासी की स्थिति बेहतर होगी। साथ ही, सीवर की समस्या को प्रभावी तरीके से हल करने के लिए अधिकारियों की सक्रियता भी लोगों को राहत देगी। यह कदम न केवल स्थानीय नागरिकों के लिए बल्कि पूरे खरगापुर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार साबित होगा, जिससे शहर की स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार आएगा।
समाप्ति में महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह की यह पहल क्षेत्रवासियों के लिए आशा की किरण साबित हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल निकासी के सही समाधान के लिए शीघ्र ही प्रोजेक्ट की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे सीवर की समस्या से राहत मिलेगी और पूरे क्षेत्र में स्वच्छता की स्थिति में सुधार होगा।
