गोरखपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा व प्रताप सभागार फाउंडेशन ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रही श्री राम कथा की अमृत वर्षा का रसपान रघुवंश हिंदू जी जी के द्वारा कराया जा रहा है।श्री राम कथा के तृतीय दिवस में रघुवंश हिंदू जी के द्वारा रचित पूरे श्री रामचरितमानस का चित्र के रूप में श्री राम चरितदृष्टिक ग्रंथ का विमोचन किया गया। वर्षों के प्रयास के बाद यह पहला ग्रंथ समाज में ऐसा प्रस्तुत हो रहा है , जिसमें पूरे श्री रामचरितमानस के प्रसंगो को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। आज एकादशी के पावन पर्व पर श्री नारायण की असीम कृपा से व श्री राम कथा में श्री राम सहित चारों भाइयों के जन्मोत्सव के महान उत्सव में यह दृष्टि ग्रंथ प्रकाशित हुआ।
पुस्तक विमोचन गुरुद्वारा प्रमुख सरदार जसपाल सिंह के द्वारा किया गया।
कथावाचक रघुवंश हिंदू ने बताया की किस प्रकार से जब धरती पर उपद्रव होने लगता है और बहुत सारे संतों और महात्माओं के तपस्या का फल ,श्री राम के दर्शन के रूप में मिलना होता है तो श्री राम जी का अवतरण”होता है। यह मनु और शतरूपा के 23000 वर्ष की तपस्या का फल है जिससे यह दोनों लोग चक्रवर्ती सम्राट दशरथ और कौशल्या के रूप में जन्म लेते हैं और प्रभु चार भाइयों के सहित उनके वहां प्रकट होते हैं। जिस समय श्री राम का जन्म होता है एक माह के लिए सूर्य अपने स्थान पर स्थिर हो जाते हैं केवल श्री राम जी के सुंदर रूप को अपने प्रकाश के माध्यम से दर्शन करते हैं। श्री राम चारों भाइयों सहित बाल लीलाएं करते हैं। उसके पश्चात गुरु वशिष्ट जी के वहां यज्ञोपवीत संस्कार होने के उपरांत शास्त्र की शिक्षा प्राप्त करते हैं और विश्वामित्र जी राजा दशरथ के पुत्र राम और लक्ष्मण को विप्र के रूप में मांग करके अपना जीवन धन्य करते हैं। उसके पश्चात अहिल्या जी का उद्धार करके प्रभु जनकपुरी में प्रवेश करते हैं । पुष्पवाटिका वाटिका में प्रभु श्री राम और सीता जी एक दूसरे का प्रथम दर्शन करती है। इस विमोचन कार्यक्रम में सरदार जसपाल सिंह, रामदेव सिंह,राधेश्याम चंद, ई योगेंद्र सिंह, जनार्दन राय, वैद्य सुरेन्द्र सिंह, विजय बहादुर सिंह, महामंत्री इंद्रजीत सिंह चंदेल आदि लोग उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा व प्रताप सभागार फाउंडेशन
