बाराबंकी। तहसील राम सनेही घाट क्षेत्र के अंतर्गत श्री राम जानकी मठ किठैया से जुड़ा संपत्ति विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। मठ के महंत मुकुंद पुरी ने प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि मठ की संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा करने और फर्जी वसीयत के आधार पर नामांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में दर्ज मुकदमों के बावजूद संबंधित पक्ष द्वारा गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कराया गया है।
महंत के अनुसार, तहसील प्रशासन द्वारा 24 अगस्त 2023 को वसीयत निरस्त करने के आदेश के बावजूद मामले का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी उचित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।
प्रार्थना पत्र में महंत ने चेतावनी दी है कि यदि 20 अप्रैल 2026 तक मठ की संपत्ति से जुड़े सभी मामलों का निष्पक्ष निस्तारण नहीं हुआ तो वह 21 अप्रैल 2026 को जिंदा समाधि लेने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने इसके लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।
