नामी स्कूलों की मनमानी पर बड़ा सवाल: आदेशों के बावजूद अभिभावकों से वसूली जारी, कार्रवाई कब?
लखनऊ/उत्तर प्रदेश।
प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की कथित लूट-खसोट पर सरकार पहले ही सख्त रुख अपना चुकी है। योगी आदित्यनाथ द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किताबें, कॉपी, यूनिफॉर्म, डायरी या अन्य सामग्री के नाम पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक वसूली न की जाए, साथ ही री-एडमिशन फीस पर भी रोक रहे।
इसके बावजूद राजधानी लखनऊ में कई बड़े और नामी स्कूलों पर इन आदेशों का असर नगण्य दिख रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि ये संस्थान विभिन्न तरीकों से अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं। जिन प्रमुख स्कूलों के नाम लगातार चर्चा में हैं, उनमें—
City Montessori School
Lucknow Public School
Delhi Public School
St. Mary’s Convent Inter College
La Martiniere College
Cathedral Senior Secondary School
Spring Dale College
Amity International School
New Public School
Scholars’ Home School
इन सभी स्कूलों पर अभिभावकों द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं कि किताबों, ड्रेस, कॉपी और अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर निर्धारित दुकानों से खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे महंगे दामों पर सामान लेना मजबूरी बन जाता है।
अभिभावकों की परेशानी बढ़ी
सूत्रों के अनुसार, हर साल अलग-अलग शीर्षकों के नाम पर शुल्क बढ़ा दिया जाता है। कई मामलों में अभिभावकों को यह भी नहीं बताया जाता कि शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा है। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
मीडिया की भूमिका पर भी सवाल
कुछ स्कूलों द्वारा नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी छवि बेहतर दिखाने की कोशिश की जा रही है। आरोप है कि कई मीडिया कर्मी सिर्फ प्रेस नोट के आधार पर खबरें प्रकाशित कर देते हैं और जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर देते हैं।
पत्रकारिता के मूल उद्देश्य—जनहित और सच्चाई को सामने लाने—की जगह यदि सुविधाओं और औपचारिकताओं को प्राथमिकता दी जाए, तो यह समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
हालांकि प्रशासन समय-समय पर सख्ती के दावे करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई का अभाव साफ दिखाई देता है। अभिभावकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा, जिससे स्कूलों की मनमानी जारी है।
मांग: तत्काल जांच और कार्रवाई
अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि—
सभी प्राइवेट स्कूलों की फीस और वसूली की जांच हो
निर्धारित दुकानों से खरीद की बाध्यता खत्म हो
अवैध शुल्क वसूली पर कड़ी कार्रवाई हो
पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद यदि नामी स्कूल नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। अब जरूरत है कि प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करे, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
नामी स्कूलों की मनमानी पर बड़ा सवाल: आदेशों के बावजूद अभिभावकों से वसूली जारी, कार्रवाई
