सुनील पाठक गोरखपुर, पूर्वांचल हेड
गोरखपुर ,17 दिसंबर 2025, को कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जा और प्लाटिंग हटाने के लिए बसंतपुर खास के सदर मोहम्मद वालीउल्लाह ने गोरखपुर जिला अधिकारी को ज्ञापन सौप कर साजिश करता हूं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए बताया कि उक्त मोहल्ले के चर्चित जालसाजी घराने के व्यक्तिगत मोहम्मद साहब सिद्दीकी ,मोहम्मद शाहनवाज पुत्र मोहम्मद अहमद, मोहम्मद अतहर, मोहम्मद अजहर , श्रीमती राजिया बेगम, आदि के नाम से कब्रिस्तान के बंदोबस्ती या राज्य संख्या 377 पर अवैधानिक ढंग से दर्ज चला आ रहा है। राजस्व अभिलेखों में हेरा फेरी करके और फिर कब्रिस्तान को कब्जा कर प्लाटिंग करने के मामले में कब्रिस्तान कमेटी द्वारा इससे पूर्व भी 2025 को भी एक प्रार्थना पत्र साक्ष के साथ सहित देकर उपरोक्त शिकायत की गई थी। लेकिन अभी तक ना तो कब्जा करने वालों पर कार्रवाई भी आना ही राजस्व अभिलेखों में गलत तरीके से जुड़े गए नाम को काटने का कोई आदेश हुआ। ज्ञापन में मोहम्मद वसीउल्लाह सदर बताया कि बसंतपुर खास रॉबर्ट बदा से सटी कब्रिस्तान को राजस्व के दस्तावेजों में हेरा फेरी करके कुछ लोगों द्वारा अपना नाम दर्ज कराया गया हैऔर उसके बाद कब्रिस्तान पर कब्जा कर करने का प्रयास करते हुए उक्त कब्रिस्तान के पवित्र भूमि पर अवैध प्लाटिंग करके प्लाट बिकाऊ का बोर्ड लगा दिया गया है संवाददाता ने जो उक्त नंबरों पर संपर्क कर दूसरे पक्ष की जानकारी चाही तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। बंदोबस्त 1912 फसली और 1323 फसली के विदलेखों में यह कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है उक्त ऐतिहासिक कब्रिस्तान बंदोबस्त 1992 फसली में यानी 1885 के रिकॉर्ड में आराजी संख्या 351 दर्ज है सरकारी बंदोबस्त 1323 फसली में आराजी नंबर 377 अकबर 54 डेसिमल दो कड़ी कब्रिस्तान दर्ज है। वही कब्रिस्तान घूरन सा तकिया बसंतपुर खास की टीम ने माननीय जिलाधिकारी महोदय से मांग किया है कि इस समाज विरोधी जनहित विरोधी मामले को गंभीरता से लेते हुए कब्रिस्तान से कब्जा हटाने राजस्व अभिलेखों में दर्ज नाम को खारिज करते हुए पुनः कब्रिस्तान दर्ज करने की कृपा करें। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से मोहम्मद वालीउल्लाह सदर ,सैयद मोहम्मद असद, नायक सदर मुशीर अहमद खान, सेक्रेटरी अशफाक, का राजू खजान ,नौशाद खान नायक, सेक्रेटरी हबीब खान ,उस्मान, मोहम्मद खलील हजरत, मसूद कासिम अली ,मोहम्मद आलम, आज भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
