जलकल विभाग के जी0 एम0 एक्स सी एन व जेई कहे जाने वाले बाबू मनोज के संरक्षक में पम्प ऑपरेटर मुनीर अहमद
लखनऊ।राजधानी लखनऊ के आशियाना क्षेत्र सेक्टर एच स्थित पम्प नंबर छः पर मानको के विरुद्ध रखा गया ऑपरेटर मुनीर अहमद (जी एम )व (एक्स सी एन) का चाहेता मानको को दर किनार रख कर करता है मनमानी। अभी पूर्व मे बीती होली मे होलिका दजन के समय पुरी होलिका को जलन वस पम्प खोल कर जल भराओ कर दिया गया था. स्थानिये लोगो के विरोध जताने व आशियाना कोतवाली मे लिखित शिकायता पर पुलिस की फटकार पर बाल्टी से पानी भर भर कर निकाला था। लेकिन उच्च अधिकारीयों का सांरक्षण प्राप्त है इस वजह से (जी एम) व (एक्स सी एन) ने कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की। पम्प नंबर छः एक सरकारी पार्क मे स्थित है साल भर मे करीबन दो तीन बार कथा भागवत भी होती है उसमे भी कुछ न कुछ समस्या खड़ी करता है। कई बार पूरे पार्क मे अपनी पत्नी को बाल पकड़ कर खींच कर दौड़ा दौड़ा कर पीटता है स्थानीय लोग काफ़ी परेशान रहते हैँ। करीब बीस वर्षो से जमा हुआ है मुनीर अहमद पार्क मे पूरी तरह कब्ज़ा कर रखा है बच्चे जब खेलने जाते हैँ तो जल भराओ कर देता है। सभी प्रकार के विडिओ जब (जी एम ) मोबाईल द्वारा भेजा गया तो उन्होंने विडिओ को बे बुनियाद बताया (एक्स सी एन) नई ज्वाइनिंग बता कर अपना पल्ला झाड लिया।
अब बात करते है लिपिक की जो अपने आप को जेई बताता है मुनीर अहमद का खास आदमी है जो स्थानीय लोगो से पूछता है की पत्रकार को किसने विडिओ बना कर दिया है पूरे भौकाल मे सब को लेता मुनीर को पूरा सांरक्षण बाबू मनोज देता है। बड़ा सवाल ये है कि आखिर असली राज क्या है की (जी एम )(एक्स सी एन ) व जेई कहलाने वाला बाबू मनोज क्यों हैँ एक प्राइवेट अनपढ़ ऑपरेटर के आगे बेबस और मजबूर।
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सरकारी पानी पंप पर किसी निजी परिवार का रहना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
मुख्य बिंदुः
(1)पानी पंप ऑपरेटर को आमतौर पर पंप हाउस (नलकूप परिसर) में केवल ड्यूटी के लिए एक कमरा दिया जाता है, न कि परिवार के साथ स्थायी रूप से रहने के लिए। नियमों के अनुसार, वहां परिवार के साथ रहना अवैध है और जल संस्थान इस तरह के अनधिकृत कब्जों पर कार्रवाई कर सकता है।
(2)नियमः पंप हाउस का स्थान केवल मशीनरी के रखरखाव और संचालन के लिए होता है।
- सरकारी या संस्थागत पंप हाउस में केवल अधिकृत ऑपरेटर को ही रहने की अनुमति होती है,
निजी पता आवश्यकः आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के लिए ऑपरेटर को अपने निजी पते (जैसे राशन कार्ड, बिजली बिल, या निवास प्रमाण पत्र) का उपयोग करना होगा.कार्यस्थल का पताः पानी पंप या बोरिंग का पता पते के प्रमाण (एड्रेस प्रूफ) के रूप में मान्य नहीं होता है परिवार का आधारः परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड भी उनके अपने व्यक्तिगत दस्तावेजों के आधार पर ही बनेगा
(3)यदि ऑपरेटर पूरे परिवार के साथ अवैध रूप से रह रहा है, तो विभाग द्वारा फाइलें खंगालकर कार्रवाई की जा सकती है
स्थान रहने के लिए नहीं है और वहां परिवार के साथ रहने पर विभाग की कार्रवाई हो सकती है
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मुनीर ऑपरेटर ने पम्प नम्बर छः के पते पर बनवा रखा है आधार कार्ड जिसका खुद का कोई पता नहीं है उसने पम्प के पते पर अपनी पत्नी का बनावा लिया आईडी प्रूफ और चौंकाने वाली बात यह है कि उसी आईडी पर लेता है राशन
इतना बड़ा झोल झाल केवल अधिकारियों के संरक्षण से ही हो सकता है, जलकल विभाग के दिग्गजों के रहमो कर्म से हुआ इतना बड़ा खेल ये एक बड़ा अपराध है इस का कौन होगा जिम्मेदार।
