एन्वायरन्मेंटल एक्शन ग्रुप के स्वर्ण जयंती समारोह के पहले दिन स्थानीय लाॅज निपाल परिसर, सिविल लाईन के सभागार

Spread the love

गोरखपुर। एन्वायरन्मेंटल एक्शन ग्रुप के स्वर्ण जयंती समारोह के पहले दिन स्थानीय लाॅज निपाल परिसर, सिविल लाईन के सभागार में महापौर, गोरखपुर डा0 मंगलेश श्रीवास्तव तथा दी0द0उ0 गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कुलपति प्रो0 पूनम टण्डन ने दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
संस्था के अध्यक्ष डा0 शीराज अख्तर वजीह ने आगत अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया और उनका परिचय उपस्थित लोगों से कराया। इसके साथ ही उन्होने संस्था का ऐतिहासिक परिचय प्रस्तुत किया।
उन्होने कहा कि संस्था का गठन 1975 में विश्वविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग के इकोलाजी लैब में प्रो0 राजेन्द्र सहाय की पहल पर उनके शोध छात्रों के द्वारा किया गया ।
इस अवसर पर महापौर डा0 मंगलेश श्रीवास्तव ने अपने सम्बोधन में कहा कि – गोरखपुर शहर के वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सतत् प्रयत्नशील है। शहर का कचरा सड़क पर न रहे इसका हम प्रयास कर रहे हैं। संस्था के स्वर्णीम जयंती समारोह के लिए अपनी शुभ कमनायें दी।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 पुनम टण्डन अपने सम्बोधन में कहा कि संस्था ने इतिहास रचा है। संस्था के स्वर्णिम यात्रा के लिए बधाई देते हुए जयंती समारोह के आयोजन के लिए शुभकामनायें व्यक्त किया। इतना बड़ा कार्य दृढ़ इच्छाशक्ति से ही हो सकता है। संस्था ने स्वतंत्र होकर बड़ा कार्य किया है और निरंतर कर रही है।
कार्यक्रम के अन्त में जी0ई0ए0जी0 के संस्थापक सदस्य डा0 पी0एस0 राय ने आगत अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवस पर संस्था के कार्यकारिणी के सदस्य डा0 धर्मव्रत तिवारी तथा डा0 सुमन सिन्हा ने उत्तरीय तथा स्मृति चिन्ह देकर महापौर तथा कुलपति जी का सम्मान किया।
उद्घाटन सत्र के उपरान्त पाॅडकास्ट सत्र का आयोजन किया गया।
इस सत्र को डा0 हर्ष कुमार सिन्हा ने संस्था के अध्यक्ष डा0 शीराज अख्तर वजीह, डा0 पी0एस0 राय तथा सुश्री सीमा भट्ट से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत किया।
कार्यक्रम के उपरान्त डा0 हर्ष कुमार सिन्हा का सम्मान संस्था की सचिव सुश्री निवेदिता मणि ने अंगवस्त्र तथा समृति चिन्ह देकर किया।
पद्मश्री डा0 सुनिता नरायन, महानिदेशक, सेंटर फार साईंस एण्ड एन्वायरन्मेंट, नई दिल्ली ने संस्था के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन भाषण में कहा कि – हम लोगों को विकसित पाश्चत्य देशों के विकास की योजना तथा उसके क्रियान्वयन का कोई औचित्य नही है क्योंकि उन्होने अपने विकास के लिए अपने संसाधनों का अंधाधुंध उपयोग करते हुए पर्यावरण को इस हद तक प्रदूषित किया है जिससे जलवायु परिवर्तन प्रेरक बना दिया है कि अब वे विभिन्न प्रकार के समाधान का मार्ग अपना रहे है। भारत एक विकासशील राष्ट्र हैं। उसकी परम्परायें पश्चिम के देशों से भिन्न है। इसलिए हम उनके विकास के माॅडल को अपना नही सकते। यदि अपनायेंगे तो यहाॅ परिस्थितियाॅ प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की स्थिति और भी भयानक हो जायेगी। उन्होने अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण अल्प अवधि में वर्षा अधिक प्राप्त हो रही है, यही जल को बिना उपयोग के धरती पर वह रहा है। इसके परिणामस्वरुप बाढ़ एवं जल पलावन की समस्या विकराल होती जा रही है। भारत के बड़ें नगरों में यह समस्या और भी गम्भीर स्थिति में है क्योंकि उन्होने भारत के दिल्ली सहित अन्य बड़े नगरों की समस्याओं का इस परिप्रेक्ष्य में विस्तार से वर्णन किया है। उन्होने जोर देकर कहा कि हमें ऐसा शहर चाहिए जहां हम पैदल चल सके। साफ हवा हो, सामूहिक यातायात के साधन हो, पर्याप्त शुद्ध जल की उपलब्धता हो तथा जलवायु परिवर्तन की समस्या अतिन्यून हो।
कार्यक्रम के आरम्भ में संस्था की सचिव सुश्री निवेदिता मणि ने डा0 सुनीता नरायन को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया और उनका परिचय प्रस्तुत किया।
डा0 सुनिता नरायन ने संस्था के 50 वर्षों के इतिहास को समेटे काफी टेबुल बुक का लोकापर्ण किया। उनके साथ मंच पर डा0 सुमन सिन्हा, डा0 शीराज अख्तर वजीह, डा0 धर्मव्रत तिवारी तथा सुश्री निवेदिता मणि थी। सुश्री सीमा भट्ट ने आगत अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।
स्वर्ण जयंती समारोह के खुले सत्र में नगर निगम के पूर्व महापौर डा0 सत्या पाण्डेय, श्री राधेकृष्ण, श्री मजहर रशीदी, डा0 प्रेमशीला मिश्रा, श्री विरेन्द्र पाण्डेय, श्रीमती प्रभावती देवी तथा श्री रामसागर यादव से संस्था की ऐतिहासिक विकास यात्रा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत किया – डा0 उत्कर्ष सिन्हा ने । डा0 उत्कर्ष सिन्हा का सम्मान उत्तरीय और स्मृति चिन्ह देकर श्री के0के0 सिंह ने किया।
कृषि का स्थाईत्व, लघु सीमान्त एवं महिला किसान, बदलते परिवेश और परिदृश्य पर चर्चा के लिए पद्मश्री डा0 रामचेत चैधरी, पूर्व वैज्ञानिक, अन्तर्राष्ट्रीय धान शोध संस्थान फिलीपिंस, डा0 देवेन्द्र शर्मा, कृषि एवं खाद्य नीति विशेषज्ञ, बीज बचाओ आन्दोलन के संस्थापक सदस्य श्री बीजू नेगी, सिस्टम थिकिंग विशेषज्ञ श्री सैम जोसेफ, पानी संस्था अयोध्या के संस्थापक श्री भारत भूषण के साथ दो प्रगतिशील किसान श्रीमती रामरती तथा श्री राम निवास मौर्य को मंच पर आमंत्रित किया गया। इन सभी लोगों ने विस्तार से अपनी विचार प्रस्तुत किया।
संस्था के सक्रिय कार्यकर्ता श्री विजय पाण्डेय तथा श्री अजय सिंह ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया तथा परिचय प्रस्तुत किया। खुले सत्र की समाप्ति के उपरान्त आगत अतिथियों का सम्मान स्मृति चिन्ह देकर किया। संस्था के उपाध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव तथा कोषाध्यक्ष श्री एजाज रिजवी ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *