बी .ऐ न्यूज़ से रिपोर्टर संध्या अस्थान
अयोध्या के मठ-मदिंरों में विराजमान देव विग्रह को ठंड से बचाने के लिए तरह-तरह के यत्न किये जा रहे हैं। हनुमंतलला को रजाई ओढ़ाई जा रही है। वहीं, रामलला के लिए भी जयपुर से रजाई मंगाई गई है।
बढ़ती सर्दी के चलते भगवान पर भी ठंडी का असर दिखना शुरू हो गया है। रामनगरी के मठ-मंदिरों में विराजमान भगवान के विग्रह को ठंड से बचाने के के लिए तरह-तरह के यत्न किए जा रहे हैं। रामलला के लिए राजस्थान से जयपुरिया रजाई मंगाई गई है। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में भी आरती का समय बदल दिया गया है। हनुमंतलला को रजाई ओढ़ाई जाने लगी है।
तापमान गिरने के साथ ही रामनगरी के मठ-मंदिरों में देवी-देवताओं की शीतकालीन सेवा- पंरपरा और गहन हो गई है। अयोध्या के राजा के रूप में प्रतिष्ठित हनुमानगढ़ी में अब सुबह की आरती चार के बजाय पांच बजे होने लगी है। पुजारी रमेश दास ने बताया कि गर्भगृह में गरमाहट बनाए रखने के लिए धूप-लोबान की सुगंधित आहट लगातार दी जा रही है। रात में हनुमंतलला को रजाई ओढ़ाई जा रही है। भोग में गर्म खाद्य पदार्थ पूड़ी, सब्जी, मालपुआ, रबड़ी, बादाम-केसरयुक्त दूध आदि दिए जा रहे हैं। दशरथ महल बड़ा स्थान में धनुषधारी भगवान को रजाई ओढ़ाई जा रही है। मौसम के अनुसार भगवान को भोग लगाया जा रहा है।
