रायबरेली
मामला – तहसील महाराजगंज रायबरेली क्षेत्र के अंतर्गत योगी सरकार की पुलिस प्रशासन के रवैए को देखते हुए यह प्रतीत होता है कि पुलिस प्रशासन सिर्फ दबंगों रसूखदारों तथा भूमाफियाओं व अमीर व्यक्तियों की सुनवाई करने के लिए है।
आपको बताते चलें कि ग्राम पंचायत माझ गांव का पीड़ित भीम पासी विगत 5 बर्ष पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर जिला अधिकारी व SDM महाराज तथा कोतवाली में लिखित तहरीर देने के बाबजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं।
पीड़ित का कहना है कि सार्वजनिक सरकारी रोड पर निकले तथा कुआं से पानी भरने से रोक लगा रहे हैं।
इसी प्रकरण में दिनांक 6/6/2025 लखनऊ से मीडिया कर्मियों जानकारी मिलने पर SDM, महोदय से फोन बात कर घटना स्थल पर पहुंचकर लिखित आदेश तहसील दार मैडम द्वारा थाना प्रभारी किया।
बाबजूद इसके आज दिनांक 7/6/2025 को दबंगों ने सरकारी रास्ते में लगा खड़ंजा उखाड़ कर ग्राम प्रधान शिवप्रसाद यादव की सह पर बाहूबली मोर्चा परिवार के राममिलन पुत्र जगन्नाथ व उदय राज उदयचंद पुत्र राममिलन व धर्मराज बृजराज मौर्य रामदेव पुत्रगण रामदेव मौर्य व बीरेंद्र मोर्या पुत्र नरेश मोर्चा पुत्र रामप्यारे मोर्चा आदि लोगों ने अपने दबंगई के बलपल अपना दबदबा बना कर महाराज गंज की पुलिस प्रशासन भी पीड़ित परिवार की मदद करने को तैयार नहीं हैं। आज दिनांक 7/6/2025 पीड़ित ने 112 पुलिस को बुलाया लेकिन पुलिस प्रशासन ग्राम प्रधान शिवप्रसाद यादव के कहने पर सरकारी रास्ते में लगा हुआ खड़ंजा उखाड़ कर खड़े होकर जबरन पीड़ित परिवार सामने दीवाल बनाने का निर्माण कार्य करा रहे हैं। जबकि घटनाक्रम की जानकारी थाना प्रभारी महाराज गंज पुलिस को मीडिया कर्मियों ने दी लिखित तहरीर दी।
आजाद भारत में आज भी गरीब पीड़ित असाह
निर्बल लोगों का शौषण हो रहा। छोटी समाज के लोगों को पानी भरने से रोकना व सरकारी सार्वजनिक रोड पर निकलने पर पाबंदी लगाई जा रही हैं। यह सबकुछ आज भी उत्तर प्रदेश की राजधानी से सटे हुए रायबरेली जिले में स्थित देखने को मिला है। ऐसे भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिस प्रशासन व सत्ता धारी नेताओं तथा क्षेत्रीय छुटभैय्ए व ग्राम प्रधान शिवप्रसाद यादव जैसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही कौन करेगा।
