सुनील पाठक ब्यूरो ,गोरखपुर, पूर्वांचल
गोरखपुर जिले के पीपीगंज टाउन एरिया अंतर्गत एक विवादित स्कूल में कक्षाएं फिर से शुरू हो गई। विवादित में इसलिए कह रहा हूं की कुछ महीने पहले अभी इस विद्यालय में विभागीय अधिकारियों द्वारा इस विद्यालय में तालाबंदी किया गया था जिसको ताला लगाने के बाद सरकारी सील कर दिया गया इसके कुछ ही दिन बाद अगर देखा जाए तो वह सरकारी सील ताला हटा करके नया ताला लटका दिया गया था इस विद्यालय पर बराबर नजर रखी जा रही थी और ऐसा हो रहा था आज जब रिपोर्टर में विद्यालय का चक्कर मारा तो विद्यालय में पठन पाठन का कार्य शुरू हो चुका है इस संबंध में जब खंड शिक्षा अधिकारी भरोहीया से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि हमने जांच कमेटी के रिपोर्ट के आधार पर बीएसए को रिपोर्ट सौंप दिया गया है लेकिन तमाम सवाल करने के बाद एक अंतिम सवाल किया गया की क्या रिपोर्ट बीएसए को सौंपने के बाद आपकी जिम्मेदारी खत्म हो जाती है तो खंड शिक्षा अधिकारी ने फोन काट दिया। क्षेत्र में चर्चा का विषय बना यह विद्यालय जिसकी मानयता नहीं है पिछले कई वर्षों से लगातार यह विद्यालय बिना मान्यता के बच्चों को शिक्षा दे रहा है शीच्छा मानक के अनुकूल है या मानक के विपरीत है यह हम नहीं शिक्षा विभाग या उसके अधिकारी या उसके प्रबंधन ही बता सकते हैं अब सवाल यह उठता है कि बिना सरकारी अनुमति विद्यालय का ताला कैसे खुल गया और पठन-पाठन का कार्य विद्यालय में कैसे चल रहा है यह भी प्रबंधक और विभागीय अधिकारियों क्षेत्रवासियों के बीच के बीच सवाल पैदा करता है। अब देखना है कि यह विद्यालय बिना मान्यता के ऐसे ही चलता रहेगा या विभाग विभागीय अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में कोई ठोस कदम उठाते हैं या बच्चों का भविष्य इसी तरह से बर्बाद होते देख सकते हैं। चर्चा यह भी है इस विद्यालय में जो वाहन चलते हैं उनकी भी फिटनेस आरटीओ द्वारा नहीं है जबकि आप सभी जानते हैं की आने वाले समय में जो भी विद्यालय चलते हैं उसे विद्यालय के वहां सरकारी आदेश अनुसार फिट होने चाहिए जबकि क्षेत्र के अधिकतर प्राइवेट विद्यालयों को देखा जाए तो बिना फिटनेस के ही गाड़ियां चलवाते हैं जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना भी होती रहती है।
