किरतपुर। सस्ती लोक प्रियता हासिल करने व लोगों पर अनावश्यक रोब जमाने के उद्देश्य से अंशुल आर्य ने दो गनर मिलने का झूठा ढोंग रचा है।
यह कहना है उत्तर प्रदेश जाट महासभा के युवा मंडल अध्यक्ष चौधरी विवेक सिंह खोबे का।
एक प्रेस नोट में उन्होने कहा की अंशुल आर्य ने लारेंस विश्नोई गैंग की धमकी मिलने का एक प्रार्थना पत्र पुलिस कप्तान को दिया था। प्रार्थना पत्र देने के पश्चात अंशुल आर्य ने यह झूठी खबर क्षेत्र में फैलाई कि धमकी मिलने के पश्चात पुलिस प्रशासन ने उसे दो गनर मुहैया करा दिये है। विवेक ख़ौबे का यह भी कहना था कि अंशुल आर्य पर दफा 307 का मुकदमा भी दर्ज हैं यह अपराधिक किस्म का व्यक्ति। गनर लेने के लिए एक लम्बी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। अंशुल आर्य की छवि विवादित रही है। उसने जाट समाज के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया था। जिस से एक नया विवाद ने जन्म ले लिया था और जाट समाज में इस के प्रति तीव्र रोष व्याप्त हो गया था। पुलिस ने अंशुल आर्य को जेल भेज दिया था।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि अंशुल आर्य को गनर मुहैया नहीं कराये गये है बल्कि मौके की नजाकत को समझते हुए उसके गाँव शकरपूरी में घर के आस पास दो पुलिस कर्मियों की डयूटी लगा गई है जिस से ला एन्ड आर्डर की स्थिति बनी रहै। अंशुल आर्य द्वारा उसे गनर मिलने की बात सरासर झूठी व बेबुनियाद है। विवेक खोबे ने पुलिस कप्तान को पत्र देकर इस प्रकरण की जाँच कराये जाने की मांग की हैl
