लखनऊ, 9 जुलाई। राजधानी लखनऊ के रजनी खंड, शारदा नगर (आशियाना) स्थित संस्कार लॉन में गुरुवार को ‘गविष्टि (गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा’ का भव्य आयोजन श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के सान्निध्य में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, गौभक्त, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु शामिल हुए।
अपने संबोधन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्र की आत्मा से जुड़ा विषय है। उन्होंने देशवासियों से गौमाता की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का सम्मान और राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने की मांग को जनआंदोलन बनाया जाए। उन्होंने लोगों से इस संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग को मजबूत करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन के दौरान शंकराचार्य ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी के कथित प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी राय में संबंधित समिति को भंग कर नई समिति का गठन किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध अब तक कठोर कार्रवाई हो जानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वालों को जेल भेजा जाना चाहिए था। (ये कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य द्वारा व्यक्त किए गए विचार हैं।)
उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए देशव्यापी जनसमर्थन तैयार किया जाए तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की जाए। उन्होंने कहा कि जनता को अपने जनप्रतिनिधियों और सरकारों से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख की अपेक्षा करनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान एवं गौ संरक्षण के समर्थन में सामूहिक संकल्प कराया गया। श्रद्धालुओं ने गौसेवा, धर्म रक्षा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक एवं समाजवादी पार्टी के नेता राम प्रकाश यादव ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत एवं सम्मान किया तथा श्रद्धापूर्वक उनकी चरण पादुकाओं का पूजन-अर्चन किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में धर्माचार्य, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, गौसेवक, महिलाएं, युवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। अंत में राष्ट्र, समाज, सनातन धर्म एवं गौ संरक्षण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
