पाम पैराडाइस ईडब्ल्यूएस और एलआईजी प्लेटो की होगी कास्टिंग

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“महानगर की जनसंख्या 10 लाख के ऊपर होने के बाद डेवलपर्स ने उठाई मांग”

सुनील पाठक ,ब्यूरो पूर्वांचल, गोरखपुर,

गोरखपुर ,महानगर में सस्ते फ्लैट के लिए अभी कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में इसके आवंटन को लेकर मंजूरी मिल गई है। लेकिन फिलहाल उसकी कास्टिंग होने जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देवरिया बाईपास पर विकसित पाम पैराडाइज योजना में ईडब्ल्यूएस lig फ्लैट बनाए गए हैं जीडीए को इसका आवंटन करना है लेकिन डेवलपर्स महानगर की आबादी 10 लाख से अधिक होने का हवाला देते हुए नए सिरे से कास्टिंग करने की मांग की है। पुरानी कास्टिंग के मुताबिक ईडब्ल्यूएस फ्लैट लगभग 6 लाख वह lig 10 लाख रुपए में देने की तैयारी थी लेकिन डेवलपर्स ने नगर निगम की ओर से आरटीआई में दिए गए एक जवाब का हवाला देते हुए नए सदस्य कास्टिंग की मांग की गई है वहीं उसे जवाब में बताया गया कि महानगर की आबादी 10,5 लाख से अधिक है हालांकि 2011 के बाद अब तक जनगणना नहीं हुई है लेकिन आवास में एवं अन्य सुविधाओं के हवाले से नगर निगम में महानगर की जनसंख्या का आकलन किया है।
10 लाख से अधिक हो जनसंख्या तो बदले जाते हैं नियम
महानगर की आबादी 10 लाख से अधिक हो तो दूसरा शासनादेश लागू होता है इसमें ईडब्ल्यूएस ओ एल आई जी आवास की कीमत तय करने का तरीका भी बदल जाता है यह माना जा रहा है की नई कीमत कुछ अधिक हो सकती है जीडीए की ओर से इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है जीडीए भी नगर निगम से लिखित में महानगर की जनसंख्या मांगेगा उसके बाद कुछ आधार पर गणना की जाएगी नए सिरे से कास्टिंग की कीमतें 20% तक महंगी हो सकती हैं।
कीमत बड़ी तो डेवलपर का होगा फायदा
सरकार के नियम के मुताबिक किसी प्राइवेट डेवलपर द्वारा यदि कोई ग्रुप हाउसिंग स्कीम लॉन्च की जाती है तो उसमें बनाए जाने वाले प्लेटो एवं बेचे जाने वाले प्लांट की संख्या के 10% के बराबर अल्प आय वर्ग के लिए बनाना होता है इसमें ईडब्ल्यूएस लिक फ्लैट बनाए जाते हैं इसका आवंटन संबंधित प्राधिकरण करता है इसके पीछे उद्देश्य है कि कम आय अर्जित करने वाले लोग भी अपने आवास का सपना पूरा कर सकें हालांकि इन प्लाटों की जो कीमत मिलती है वह डेवलपर के पास जाती है यही कारण है कि आम पैराडाइस के डेवलपर की ओर से आबादी का हवाला देते हुए यह मांग की गई कि नए सिरे से कास्टिंग हो यह दावा है कि 10 लाख की आबादी से ऊपर वाले शहरों में रेट कुछ अधिक रखने की अनुमति है।
जानिए क्या है जीडीए की बात
जीटीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने बताया कि पाम पैराडाइस में बनाए गए ईडब्ल्यूएस वह लिक फ्लो के आवंटन को लेकर बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है एक कमेटी भी बनाई गई है फिलहाल उसकी कास्टिंग प्रक्रिया चल रही है उसके बाद आवंटन के लिए आमंत्रित किए जाएंगे।

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