भगवान स्वरूप कटियार सम्मानित हुएकविता में परिंदे की उड़ान – कौशल किशोरलोकतांत्रिक

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प्रेस विज्ञप्ति

भगवान स्वरूप कटियार सम्मानित हुए
कविता में परिंदे की उड़ान – कौशल किशोर
लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने की चिंता – जयप्रकाश नारायण
सरलता और कोमलता व्यक्तित्व की खासियत – वन्दना मिश्र

लखनऊ, 02 फरवरी। हिंदी के वरिष्ठ कवि तथा साहित्यकार भगवान स्वरूप कटियार को आज हिन्दी संस्थान के निराला सभागार में उनके 75 साल का होने पर जन संस्कृत मंच (जसम) और आस इनिशिएटिव ने सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मान पत्र तथा प्रतीक चिन्ह दिया गया। सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि आजमगढ़ से आए वामपंथी विचारक कामरेड जयप्रकाश नारायण थे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता वन्दना मिश्र ने की।

भगवान स्वरूप कटियार की लंबी साहित्य यात्रा पर चर्चा करते हुए कवि कौशल किशोर ने कहा की कटियार जी की यह तीसरी पाली है। उन्होंने जो जिया वही रचा। सृजन का कलश भरा हुआ है। उनकी कविता में परिंदे की उड़ान है । ये बेमकसद जिंदगी की जगह बामकसद जिंदगी के पक्षधर हैं।

जयप्रकाश नारायण ने कटियार जी को बधाई देते हुए कहा कि यह ऐसा राजनीतिक समय है जब मनुष्य विरोधी संस्कृति ने जनमानस को अपनी चपेट में ले रखा है। वे इसके विरुद्ध बदलाव चाहते हैं। इनके साहित्य में लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने की चिंता है।

वन्दना मिश्र ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि कटियार जी राजनीतिक व्यवस्था से टकराते हैं। इनके साहित्य में मानव संबंधों, निजी अनुभूतियों तथा मनुष्य की आत्मीय और स्नेहिल दुनिया है। सरलता और कोमलता इनके व्यक्तित्व की खासियत है। इन्हें अभी बहुत लिखना है, करना है।

इस मौके प्रोफेसर रूपरेखा वर्मा, प्रोफेसर रमेश दीक्षित, सुभाष राय, चंद्रेश्वर, असगर मेहदी, शकील सिद्दीकी, विजय राय, अवधेश कुमार सिंह, सुहेल वहीद, प्रतिभा कटियार और सत्य प्रकाश ने उनके सृजन और व्यक्तित्व के विविध पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने उन्हें स्वस्थ व सृजनशील रहने तथा शतायु होने की शुभकामनाएं दीं।

इस मौके पर कटियार जी की दो किताबों का विमोचन भी किया गया। एक कटियार जी की पेरिस कम्यून पर लिखी किताब है तो दूसरी कटियार जी के सृजन और विचार पर केन्द्रित है। इन किताबों पर इप्टा के कार्यकारी अध्यक्ष राकेश और अशोक चंद्र ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन जसम लखनऊ के सचिव फरजाना महदी ने किया तथा आस इनिशिएटिव के आसिफ़ जा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

फरजाना महदी
सचिव
जन संस्कृति मंच लखनऊ

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