अमर बलिदानी मंगल पाण्डेय का बलिदान भारतीय स्वाधीनता

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अमर बलिदानी मंगल पाण्डेय का बलिदान भारतीय स्वाधीनता संग्राम की प्रथम क्रांति का उद्घोष था : शैलेन्द्र दुबे : जन्म जयंती पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान के उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान

अखिल भारत नागरिक परिषद् के तत्वावधान में आज आशियाना, लखनऊ में भारत के अमर क्रांतिकारी एवं प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद मंगल पाण्डेय की जन्म जयंती पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। उपस्थित नागरिकों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को नमन किया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि मंगल पाण्डेय का बलिदान केवल एक सैनिक का विद्रोह नहीं था, बल्कि भारत की स्वतंत्रता के लिए जन-जागरण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रथम शंखनाद था। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर विदेशी दासता के विरुद्ध जिस संघर्ष का सूत्रपात किया, उसने 1857 की महान क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया और आगे चलकर पूरे देश में स्वतंत्रता आंदोलन की अलख जगा दी।

उन्होंने कहा कि बैरकपुर की 24वीं नेटिव इन्फैंट्री में तैनात मंगल पाण्डेय ने अंग्रेजों द्वारा चर्बी लगे कारतूसों के प्रयोग के आदेश का निर्भीकता से विरोध किया। 29 मार्च 1857 को उन्होंने अन्य सैनिकों से धर्म और देश की रक्षा के लिए संघर्ष का आह्वान किया तथा अंग्रेज अधिकारियों के विरुद्ध शस्त्र उठाकर स्वतंत्रता संग्राम की पहली निर्णायक चिंगारी प्रज्वलित की। उनके अदम्य साहस ने देशभर की सैन्य छावनियों में क्रांति की भावना का संचार किया।

शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत ने कोर्ट मार्शल की औपचारिकता पूरी कर 8 अप्रैल 1857 को मंगल पाण्डेय को फाँसी दे दी, किन्तु उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनके शौर्य और राष्ट्रप्रेम ने लाखों भारतीयों को विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष के लिए प्रेरित किया। भारतीय इतिहास में उनका नाम सदैव प्रथम अमर क्रांतिकारी और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक के रूप में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी मंगल पाण्डेय के राष्ट्रप्रेम, आत्मसम्मान, त्याग और साहस से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए तथा देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहे। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कार्यक्रम में अखिल भारत नागरिक परिषद् की महामंत्री रीना त्रिपाठी, अरुण कुमार श्रीवास्तव, अनिल सिंह, रमेश शुक्ल, सरोजबाला सोनी, रेनू त्रिपाठी तथा अमरेन्द्र सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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