समीर रिजवी के 39 गेंदों में 91 रन, कानपुर सुपरस्टार्स की शानदार जीत

नोएडा किंग्स को आठ विकेट से किया पराजितयूपी टी-20 लीग सीजन-4 पावर्ड बाई Vimal Elaichi और NCS कानपुर, 29 अगस्त 2026। इम्पैक्ट प्लेयर के तौर […]

लखनऊ में गीताक्षरा फाउंडेशन के परिवार की एक अनोखी पहल

स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ‘गीताक्षरा फाउंडेशन’ ने सामाजिक समरसता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। संस्था […]

जनपद में कृमि मुक्ति अभियान का शुभारंभ, जिलाधिकारी ने बालिकाओं को खिलाई एल्बेंडाजोल की दवा

जनपद में कृमि मुक्ति अभियान का शुभारंभ, जिलाधिकारी ने बालिकाओं को खिलाई एल्बेंडाजोल की दवा-18.75 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य, पहले दिन करीब […]

गौशाला बनी मवेशियों की कब्रगाह: बुंदेलखंड के आटा गांव में लाखों का गबन, शिकायत पर ग्रामीणों को मिल रही धमकियां

​जालौन/बुंदेलखंड:उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आवारा पशुओं के संरक्षण और संरक्षण स्थलों में हरा चारा, भूसा व पानी उपलब्ध कराने के दावे धरातल पर दम तोड़ते […]

परिवर्तन के प्रेरक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी”

परिवर्तन के प्रेरक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी” Posted On: 02 AUG 2026 2:44PM by PIB Delhi ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों (एनएसओ) के प्रमुखों की बैठक भारत की अध्यक्षता में 3 से 4 अगस्त 2026 को भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के लखनऊ  में आयोजित होने वाली है। ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं। वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता “सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण (ब्रिक्स)“ के व्यापक विषय द्वारा निर्देशित है। ब्रिक्स सांख्यिकी ट्रैक के अंतर्गत, भारत ने “परिवर्तन के प्रेरक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी” विषय को अपनाया है। यह डेटा की गुणवत्ता, नवाचार, प्रभावी प्रसार और जन-केंद्रित सांख्यिकीय प्रणालियों के लिए अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह तीव्र तकनीकी प्रगति, उच्च आवृत्ति एवं विस्तृत डेटा की बढ़ती मांग और साक्ष्य-आधारित, टिकाऊ और समावेशी विकास का समर्थन करने के लिए आधिकारिक सांख्यिकी पर बढ़ती निर्भरता के प्रति उत्तरदायी हैं। आधुनिक ब्रिक्स नीति निर्माण विकास पर नज़र रखने, निर्णयों का मार्गदर्शन करने और आपसी समझ बनाने के लिए मज़बूत आंकड़ों पर निर्भर करता है। वर्ष 2010 से, सदस्य देशों ने सुलभ, सामंजस्यपूर्ण डेटा प्रदान करने के लिए संयुक्त सांख्यिकी प्रकाशन (जेएसपी) और स्नैपशॉट ब्रिक्स जेएसपी (2020 में प्रस्तुत) प्रकाशित किए हैं। समय के साथ, ब्रिक्स सांख्यिकी सहयोग बुनियादी डेटा संग्रह से आगे बढ़कर नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए डेटा मानकों, सामंजस्य और नवाचार पर गहन समन्वय की ओर विकसित हुआ है। सांख्यिकी मामलों पर दो मुख्य कार्यक्रम प्रति वर्ष आयोजित किए जाते हैं, इसके साथ ही निम्नलिखित सहायक कार्यक्रम भी होते हैं: (i) एनएसओ की तकनीकी बैठक (ii) एनएसओ के प्रमुखों की बैठक तकनीकी बैठक 16 अप्रैल से 17 अप्रैल, 2026 के दौरान हुई। यह बैठक मुख्य रूप से ब्रिक्स जेएसपी और स्नैपशॉट ब्रिक्स जेएसपी के अध्यायों पर चर्चा को सुविधाजनक बनाने के लिए आयोजित की गई थी। चर्चा का केंद्र बिंदु जेएसपी और स्नैपशॉट 2026 के लिए पारस्परिक रूप से सहमत ढांचा विकसित करना था। इसके साथ ही प्रत्येक राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) से जिम्मेदारियों का आवंटन निर्धारित करना और उनके योगदान के लिए समयसीमा तय करना भी इसका उद्देश्य था ब्रिक्स सांख्यिकी ट्रैक का उद्देश्य निम्नलिखित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के अंतर्गत परिणाम प्रदान करना है: […]

30 वर्ष 5 माह की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए प्रेम शंकर शर्मा, आरटीओ कार्यालय में भावभीनी विदाई

लखनऊ। लखनऊ आरटीओ कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रेम शंकर शर्मा शुक्रवार को 30 वर्ष 5 माह की गौरवपूर्ण सेवा पूरी करने के बाद […]

एआई से नहीं, एजीआई से बढ़ेगा सबसे बड़ा खतरा : बालेंदु शर्मा दाधीच

एआई से नहीं, एजीआई से बढ़ेगा सबसे बड़ा खतरा : बालेंदु शर्मा दाधीच राजर्षि टंडन स्मृति व्याख्यानमाला में कृत्रिम मेधा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर […]

टीबी से बचाव में बड़ी उपलब्धि, 99.5 प्रतिशत लोगों को मिला टीपीटी

लखनऊ, 28 जुलाई 2026।टीबी के नए मामलों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) अभियान में जनपद ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल […]

सामाजिक समरसता का संदेश देकर संत रविदास घाट पर गूंजा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा'”

सामाजिक समरसता का संदेश देकर संत रविदास घाट पर गूंजा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’” मानवता, सामाजिक समरसता और ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति […]