स्थायी वार्ता की तैयारियों को लेकर एनई रेलवे मेन्स कांग्रेस की डेलीगेट्स बैठक सम्पन्न

कर्मचारियों की समस्याओं, पदोन्नति, सुरक्षा एवं संगठन विस्तार पर हुई विस्तृत चर्चाइज्जतनगर, 3 अगस्त। एन.ई. रेलवे मेन्स कांग्रेस, कारखाना मंडल इज्जतनगर की डेलीगेट्स बैठक सोमवार […]

बरेली जिला जेल के बंदी की दिल्ली अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत।

फतेहगंज पश्चिमी _ बरेली जिला जेल के बंदी की दिल्ली में इलाज के दौरान हुई मौत, परिवार में मचा कोहराम जानकारी के अनुसार फतेहगंज पश्चिमी […]

हल्की बारिश में फिर चरमराई प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र राजातालाब की बिजली व्यवस्था, रातभर अंधेरे में रही जनता

वाराणसी/राजातालाब क्षेत्र में हल्की बारिश होते ही बिजली व्यवस्था एक बार फिर पूरी तरह चरमरा गई। मामूली बारिश के बाद भी क्षेत्र की बिजली पूरी […]

डिजिटल हैंडलूम एटलस तथा एचईपीसी के हीरक जयंती लोगो का अनावरण कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा

भारत के समृद्ध भौगोलिक संकेत (जीआई) हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने और घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उनकी स्थिति को मजबूत करने के […]

परिवर्तन के प्रेरक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी”

परिवर्तन के प्रेरक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी” Posted On: 02 AUG 2026 2:44PM by PIB Delhi ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों (एनएसओ) के प्रमुखों की बैठक भारत की अध्यक्षता में 3 से 4 अगस्त 2026 को भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के लखनऊ  में आयोजित होने वाली है। ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं। वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता “सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण (ब्रिक्स)“ के व्यापक विषय द्वारा निर्देशित है। ब्रिक्स सांख्यिकी ट्रैक के अंतर्गत, भारत ने “परिवर्तन के प्रेरक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी” विषय को अपनाया है। यह डेटा की गुणवत्ता, नवाचार, प्रभावी प्रसार और जन-केंद्रित सांख्यिकीय प्रणालियों के लिए अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह तीव्र तकनीकी प्रगति, उच्च आवृत्ति एवं विस्तृत डेटा की बढ़ती मांग और साक्ष्य-आधारित, टिकाऊ और समावेशी विकास का समर्थन करने के लिए आधिकारिक सांख्यिकी पर बढ़ती निर्भरता के प्रति उत्तरदायी हैं। आधुनिक ब्रिक्स नीति निर्माण विकास पर नज़र रखने, निर्णयों का मार्गदर्शन करने और आपसी समझ बनाने के लिए मज़बूत आंकड़ों पर निर्भर करता है। वर्ष 2010 से, सदस्य देशों ने सुलभ, सामंजस्यपूर्ण डेटा प्रदान करने के लिए संयुक्त सांख्यिकी प्रकाशन (जेएसपी) और स्नैपशॉट ब्रिक्स जेएसपी (2020 में प्रस्तुत) प्रकाशित किए हैं। समय के साथ, ब्रिक्स सांख्यिकी सहयोग बुनियादी डेटा संग्रह से आगे बढ़कर नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए डेटा मानकों, सामंजस्य और नवाचार पर गहन समन्वय की ओर विकसित हुआ है। सांख्यिकी मामलों पर दो मुख्य कार्यक्रम प्रति वर्ष आयोजित किए जाते हैं, इसके साथ ही निम्नलिखित सहायक कार्यक्रम भी होते हैं: (i) एनएसओ की तकनीकी बैठक (ii) एनएसओ के प्रमुखों की बैठक तकनीकी बैठक 16 अप्रैल से 17 अप्रैल, 2026 के दौरान हुई। यह बैठक मुख्य रूप से ब्रिक्स जेएसपी और स्नैपशॉट ब्रिक्स जेएसपी के अध्यायों पर चर्चा को सुविधाजनक बनाने के लिए आयोजित की गई थी। चर्चा का केंद्र बिंदु जेएसपी और स्नैपशॉट 2026 के लिए पारस्परिक रूप से सहमत ढांचा विकसित करना था। इसके साथ ही प्रत्येक राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) से जिम्मेदारियों का आवंटन निर्धारित करना और उनके योगदान के लिए समयसीमा तय करना भी इसका उद्देश्य था ब्रिक्स सांख्यिकी ट्रैक का उद्देश्य निम्नलिखित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के अंतर्गत परिणाम प्रदान करना है: […]

उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन के प्रधानों ने किया योगी मोदी सरकार को बदनाम

ग्राम आटा ,जिला जालौन उत्तर प्रदेश से एक और आया भ्रष्टाचार का मामला सामने। जिससे भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार पर उठी उंगलियां। ग्राम […]