डिजिटल हैंडलूम एटलस तथा एचईपीसी के हीरक जयंती लोगो का अनावरण कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा

भारत के समृद्ध भौगोलिक संकेत (जीआई) हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने और घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उनकी स्थिति को मजबूत करने के लिए, भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालयहथकरघा निर्यात संवर्धन परिषद (एचईपीसी) के सहयोग से, अगस्त 2026 को डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्रनई दिल्ली में ‘जीआई एंड बियॉन्ड 2.0 शिखर सम्मेलन’ का आयोजन करेगा।

इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन भारत सरकार में विदेश एवं वस्त्र राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा मुख्य अतिथि के रूप में करेंगी। भारत सरकार में वस्त्र सचिव श्रीमती नीलम शमी राव विशिष्ट अतिथि होंगी। इस अवसर पर विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीनाआईएएसविकास आयुक्त (हस्तशिल्प) श्रीमती अमृत राज और पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क नियंत्रक (सीजीपीडीटीएम), आरओसी, जीआई एवं एसआईसीएलडीआर के प्रोफेसर (डॉ.) उन्नत पी. ​​पंडित भी उपस्थित रहेंगे।

इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य भारत के जीआई-टैग प्राप्त हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देना और जीआई इकोसिस्‍टम में हितधारकों के बीच सहयोग को सुगम बनाना है। इसमें लगभग 10 देशों के विदेशी खरीदार, भारत भर के निर्यातक और बहुराष्ट्रीय निगम (एमएनसी), जीआई उत्पादों के पंजीकृत मालिक, केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के अधिकारी और प्रमुख कपड़ा ब्रांडों, खुदरा श्रृंखलाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के विशेषज्ञ एक साथ आएंगे।

इस शिखर सम्मेलन की एक प्रमुख विशेषता देश भर से 100 से अधिक जीआई-पंजीकृत हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन होगा। इस कार्यक्रम में भारत की विविध बुनाई परंपराओं को प्रदर्शित करने वाली विषयगत प्रदर्शनियां और हथकरघा बुनाई और हस्तशिल्प के लाइव प्रदर्शन भी शामिल होंगे।

उद्घाटन सत्र के दौरान, पंजीकृत मालिकों और नए अधिकृत उपयोगकर्ताओं को जीआई प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इस शिखर सम्मेलन में डिजिटल हैंडलूम एटलस – “एक मंच, अनंत बाजार” का भी शुभारंभ होगा, जो भारत के हथकरघा उत्पादों, जिनमें जीआई उत्पाद भी शामिल हैं, को प्रदर्शित करने और कारीगरों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया एक व्यापक डिजिटल मंच है। इस अवसर पर हैंडलूम निर्यात संवर्धन परिषद (एचईपीसी) के हीरक जयंती लोगो का भी अनावरण किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के अनुप्रयोग पर एक विशेष प्रस्तुति भी शामिल होगी, जिसका उद्देश्य जीआई इकोसिस्‍टम को मजबूत करना है। शिखर सम्मेलन के दौरान तकनीकी सत्रों में जीआई पंजीकरण और बौद्धिक संपदा अधिकार, घरेलू बाजार में जीआई उत्पादों का प्रचार-प्रसार और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में जीआई हथकरघा उत्पादों का लाभ उठाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

यह शिखर सम्मेलन विदेशी खरीदारों, निर्यातकों, प्रमुख कपड़ा और खुदरा ब्रांडों, बहुराष्ट्रीय निगमों (एमएनसी), ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, जीआई अधिकृत उपयोगकर्ताओं, नीति निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों, बौद्धिक संपदा पेशेवरों और शिक्षाविदों के एक प्रतिष्ठित समूह को एक साथ लाएगा, और हितधारकों के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करने की आशा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *