लखनऊ
वनविभाग अधिकारियों की मनमानी व लकड़ी माफियाओं का गठजोड़ व सांठगांठ के चर्चे किसी से छिपें नहीं है। फिर वनविभाग धड़ल्ले से सैकड़ो पेड़ों
की कटान रोजाना जारी है। कोई डर नहीं
मामला – सरोजिनी नगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत थाना बिजनौर व थाना सरोजिनी नगर तथा थाना बन्थरा क्षेत्र में। वनविभाग अधिकारियों से लेकर खनन माफियाओं तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों का तांडव आज जनता जनार्दन के
लिए नाशूर सावित हो रहें हैं।
आज भले ही योगी आदित्यनाथ सरकार भ्रष्टाचार रोकने के बड़ी बड़ी बाते कर रही हो। लेकिन योगी सरकार में बैठे उच्चाधिकारियों के भ्रष्टाचार की कहानी बताने लगूंगा तों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शायद स्वयं जबाब देने में असमर्थता जताने लगेंगे।
आज यह आलम है कि करोड़ों रुपए का वजट पौधारोपण में खर्च कर रही हो।और सैकड़ों अधिकारी से लेकर सरकार में बैठे सत्ता धारी क्षेत्रीय नेताओं द्वारा कैमरे के सामने सोशल मीडिया पर फोटो डालकर वह भाई लूट रहे हो। लेकिन इससे जनता जनार्दन को कोई फर्क नहीं पड़ता।
आज भले ही सत्ता के अंहकार में अधिकारी व क्षेत्रीय छुटभैय्ए नेताओं का बोलबाला हो। लेकिन भ्रष्टाचार की पटकथा बीजेपी सरकार के द्वारा स्वंय लिखी जा रही हैं। इससे यह प्रतीत होता हैं।कि उत्तर प्रदेश में न्याय व्यवस्था को योगी आदित्यनाथ सरकार संभालने में सबसे ज्यादा बिफल साबित हो रही हैं।
और क्षेत्रीय वनविभाग अधिकारियों से लेकर खनन अधिकारी व राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा खुलेआम मुख्यमंत्री के निर्देशो की धज्जियां उड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
अब कुछ क्षेत्र की घटनाओं के बारे में संक्षेप में बात बताने का प्रयास कर रहा हूं। हालांकि मेरा कार्य जानकारी देना है। लेकिन जांच करने की जिम्मेदारी
वहीं सरकार में भ्रष्टाचारी नुमाइंदों की है। और हो सकता हैं कि मेरी खबर प्रकाशित होते ही हो सकता कि खबर प्रकाशित करने वाले के खिलाफ ही यह भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी अपने षडयंत्र फंसाकर मेरे खिलाफ ही फंसाने की कोशिश कर सकते हैं। यदि किसी ईमानदार सक्षम अधिकारियों द्वारा जांच कराई जाए तो मुझे स्पष्टीकरण तथा साक्ष्य देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आज इस खबर में वनविभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों की करतूतों के बारे बात की जाय तों विगत लगभग चार बर्ष पूर्व से सरोजिनी नगर क्षेत्र में तैनात है। और क्षेत्र के सभी सभी क्षेत्रीय मठाधीशों तथा क्षेत्रीय लड़की माफियाओं से साठ-गांठ है। इसलिए क्षेत्रीय वनविभाग अधिकारियों ने विगत चार बर्षो में क्षेत्र की सैकड़ों ग्राम पंचायतों तहलका मचा रखा है। थाना बन्थरा क्षेत्र के अंतर्गत आम के बाग गढीचुनौटी में 40 आम के पेड़ लतीफ नगर वादेखेडा में तों लगभग 100 पेड़ तथा नटकूर 20 आम के वृक्षो तथा नीवा में आम व नीम लगभग 40 पेड़ व किशनपुर कौड़ियां में आम सीसम व सागौन के पेड़। मझगवा व कैथी में लगभग 45 पेड़ आम नीम के पेड़ वाकी हरौनी से लेकर ऐन व औरामा में बहुआ आम के वृक्षो तथा बन्थरा सिकंदरपुर में भी आम के वृक्षो की कटान जारी रहीं और गुदौली आदि में हजारों पेड़ों को अवतक खत्म किए जा चुके हैं।
यह सभी सूचनाएं सभी क्षेत्रीय दबंग लकड़ी माफियाओं के बारे संबधित क्षेत्रीय वनविभाग अधिकारियों को फोन के माध्यम दी गई बाबजूद इसके क्षेत्रीय वनविभाग के अधिकारियों ने विगत 4 बर्ष पूर्व से क्षेत्रीय दबंग छुट भैये नेताओं की मिली-भगत तथा सांठगांठ के चलते लकड़ी माफियाओं से वसूली कर अवैध लकड़ी कटान जारी है। साथ ही क्षेत्र में लगी विना लाईसेंस के अवैध आरा मशीनों पर भी वनविभाग के अधिकारियों की सांठगांठ चल रही हैं। और क्षेत्र में हो रही अवैध नीम आम सागौन के पेडों की लकड़ी अवैध तरीके से आरा मशीनो पर भेज कर मौटी धन उगाही की जाती है।
आपको बताते चलें कि पूर्व की दिनांक 01/03/2024 में वनविभाग के जनसूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना मांगी गई थी।
लेकिन वनविभाग के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों के बारे आज तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। इससे यह स्पष्ट प्रतीत होता हैं कि बड़े पैमाने सरकारी विभागों भ्रष्टाचार पनप रहा है।
आपको बताते चलें कि आज दिनांक 05/01/2026 को सूत्रों द्वारा बताया गया कि दिनांक 03/01/2026 से लकड़ी माफियाओं द्वारा 30 पेड़ आम के वृक्षो की कटान कर चुके हैं। और लगातार पेड़ों कटान लकड़ी माफियाओं द्वारा जारी है।
लेकिन आज घटनास्थल पर पहुंचे मीडिया कर्मियों ने देखा कि लकड़ी माफिया पिंटू पासवान व इमरान के द्वारा पिनबट में अपनी आरा मशीनो तथा जेसीबी मशीन के साथ बड़ी संख्या मोटे मोंटे पेड़ों की लकड़ी काट कर अपने छोटा हाथी वाहन लोड करके गाडियां सड़कों पर फर्राटे भर्ती नजर आई।
जिसके संबन्ध में क्षेत्रीय वनविभाग अधिकारी प्रीति त्रिपाठी को फोन के माध्यम से सूचित किया। तो मैडम ने अनजान होकर बताया कि मेरे संज्ञान में नहीं।लेकिन जब पत्रकारों ने बताया कि मैडम आपके क्षेत्र में पिनवट में पेड़ों की कटान जारी है। तों कहां कि मुझे पता है। और मैंने जुर्माना लगाया है। लेकिन हैरान करने वाली है कि किसी अधिकारी द्वारा अवैध कटान जारी होने पर लकड़ी के ऊपर जुर्माना हो और लकड़ी माफियाओं की आरा मशीन से लेकर जेसीबी मशीन लगातार कार्य करतीं रहें। यह आज देख कर बहुत ताज्जुब हुआ।
आगे पत्रकारों ने फारेस्ट बिभाग के अधिकारी S.N. सिंह साहब को विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। तों
S.N. सिंह फारेस्ट अधिकारी ने कहा कि घटसथल पर स्वयं पहुंच कर देखूंगा। और अपने अधिकारियों के साथ पहुंचने की बात कही गई।
लेकिन अभी तक वनविभाग के अधिकारियों द्वारा कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई कि फारेस्ट बिभाग द्वारा लकड़ी माफियाओं के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई।
लेकिन वर्तमान समय में देखा जाय तो किसी भी अधिकारी से यह उपेक्षा नहीं की जा सकती हैं कि
वह अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझ कर ईमानदारी से अपने कर्तव्यो का पालन कर रहा हो।
आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार भले ही अपने अधिकारियों को सख्त निर्देशों में इमानदारी से
कार्य करने की सलाह दें रहीं। लेकिन सच्चाई योगी आदित्यनाथ सरकार में बैठे उच्चाधिकारियों तथा सत्ताधारी क्षेत्रीय नेताओं तथा दबंगों द्वारा चल रहा भ्रष्टाचार चरम पर है। और इससे क्षेत्रीय ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भलिभाती जानकारी मौजूद हैं। ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों से उपेक्षा करना भी जनता जनार्दन की मूर्खता होगी
