बरखा,ब्रोका व भूमि के गीतों ने बिखेरी रंगीनियां
सुनील चिंचोलकर
रायपुर, छत्तीसगढ़ । स्वरांश म्यूजिकल ग्रुप के तत्वावधान में राजधानी रायपुर स्थित मायाराम सुरजन हाल में संस्था का लॉन्चिंग कार्यक्रम भव्य एवं रंगारंग संगीतमय माहौल में हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के चुनिंदा व प्रतिष्ठित गायकों ने एक से बढ़कर एक यादगार प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की उभरती गायिका भूमि सागर एवं स्वरांश म्यूजिकल ग्रुप की डायरेक्टर रीना मल्लिक को समर्पित रहा। कार्यक्रम की शुरुआत वंदना से हुई और देर रात तक गीत–संगीत की सरिता बहती रही।
ब्रोका की आवाज़ पर गूंज उठा सभागृह
इस्पात नगरी भिलाई के मोहम्मद रफी के नाम से पहचाने जाने वाले सुप्रसिद्ध गायक सुखबीर सिंह ब्रोका ने जैसे ही “मेरी आवाज़ सुनो” गीत प्रस्तुत किया, पूरा सभागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं बरखा बिसेन, भूमि सागर, जाहिद पाशा, डॉ. जीशान खान, पल्लवी राव, जलन सागर और पृथ्वी तांडी ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से संगीतमय रात को और भी खुशनुमा बना दिया।
मंच संचालन को मिली सराहना
स्वरांश म्यूजिकल ग्रुप के गायक शशांक मल्लिक ने “मैं शायर तो नहीं” गीत की प्रस्तुति देकर श्रोताओं से भरपूर वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम का सशक्त एवं ओजस्वी संचालन लक्ष्मी नारायण लाहोटी ने किया, जिनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में अतिरिक्त रंग भर दिया।
प्रतिभागियों व मातृशक्ति का सम्मान
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वरांश म्यूजिकल ग्रुप की डायरेक्टर रीना मल्लिक और शशांक मल्लिक ने शाल, मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं मातृशक्ति के सम्मान स्वरूप कृष्णा लाहोटी, सुरिंदर कौर (स्वीटी ब्रोका), पदमा राव सहित चार महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इन कलाकारों ने दी गीतों की प्रस्तुति
गणेश वंदना – भूमि सागर
मेरी आवाज़ सुनो – सुखबीर सिंह ब्रोका
तेरी आंखों के सिवा – बरखा बिसेन / सुखबीर ब्रोका
रूके रूके से कदम – भूमि सागर
अलबेला सजन – पृथ्वी तांडी
ऐ दिल तुम बिन – मनोहर ठाकुर, भूमि सागर
मेरे मौला मेरे करम – पल्लवी राव
खुश रहे तू सदा – सुखबीर सिंह ब्रोका
नाम गुम जाएगा – भूमि सागर
जाने क्यों लोग – भूमि सागर
मैं शायर बदनाम – शशांक मल्लिक
