सहजनवा में स्वास्थ्य विभाग की पोलपट्टी खुली! अपर निदेशक के औचक निरीक्षण में बड़ा भंडाफोड़ — कागज़ों में चलता ‘आरोग्य मेला’, ज़मीन पर सन्नाटा
गोरखपुर/सहजनवा।
पाली ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ठर्रापार में उस समय हड़कंप मच गया, जब अपर निदेशक स्वास्थ्य जयंत कुमार बिना सूचना के औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। अस्पताल परिसर, ओपीडी, लेबर रूम, रजिस्टर, शौचालय, रेन बसेरा और बायोकेमेस्ट्री लैब—हर जगह की बारीकी से जांच हुई।
अधूरे काम देख अपर निदेशक ने संबंधित विभागों को दो टूक चेतावनी दी—“काम जल्द पूरा करो, नहीं तो खैर नहीं!”
लेकिन असली विस्फोटक खुलासा तब हुआ जब टीम आरोग्य मंदिरों पर आरोग्य मेलों के निरीक्षण के लिए पहुंची।
अपर निदेशक के मुताबिक—
ताले खुले थे… लेकिन ‘आरोग्य मेला’ गायब!
जगह-जगह निरीक्षण में यह पाया गया कि
आरोग्य मंदिर खुले हैं
लेकिन आरोग्य मेला कहीं नहीं लगा
जब टीम ने ग्रामीणों से पूछा, उन्होंने बेझिझक बोल दिया—
“यहाँ किसी भी रविवार आरोग्य मेला नहीं लगता, सब कागज़ों की कहानी है!”
यह बयान स्वास्थ्य विभाग की उस पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, जो हर रविवार आरोग्य मेले के आयोजन का दावा करती है।
बड़ा सवाल: स्वास्थ्य विभाग कागज़ों में मेले लगा रहा है?
निरीक्षण ने साफ कर दिया कि
अधिकारी कागज़ों में मेला दिखाकर खानापूर्ति कर रहे हैं
धरातल पर न तो मेले हैं न स्वास्थ्य सेवाएँ
कार्रवाई का कोई ठोस औचित्य नहीं
अब ज़िम्मेदार अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती है—
कागज़ी मेले की कलई खुल चुकी है, जवाब देना मुश्किल हो गया है।
फर्जी अस्पतालों व पैथोलॉजी सेंटरों पर भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी
अपर निदेशक स्वास्थ्य ने यह भी साफ किया कि—
पाली, ठर्रापार, घघसरा बाजार और समधीया क्षेत्र में कई मानकविहीन फर्जी प्राइवेट अस्पताल,पैथोलॉजी
क्लीनिक अव�
