तहसील सरोजिनी नगर में भूमाफियाओं का अड्डा सरकारी भूमि लेखपालों व कानूनगो की

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सरोजिनी नगर

मिलीभगत से बेंच रहे करोड़ों रुपए की भूमि । उपजिलाधिकारी मौन । भ्रष्टाचार का गुनहगार कौन।

मामला – तहसील सरोजिनी नगर हमेशा अखबारों की सुर्खियां बटोर रही हैं। फिर भी तहसील के उच्चाधिकारियों को फर्क नहीं पड़ता दिखाई दे रहा।
राजस्व की सरकारी सम्पत्तियो पर अबैध तरीके से
लेखपालों व कानूनगो व भूमाफियाओं तथा खनन माफियाओं की मिलीभगत से करोड़ों अरबों रुपए की
बेस कीमती सरकारी सम्पत्ति बेंच कर डकार गए।

ऐसा ही प्रकरण ग्राम पंचायत नीवा में सरकारी ऊसर बंजर नवीनपरती भूमि अधिग्रहण कर लेखपाल धर्मेन्द्र कुमार व पूर्व में रहें लेखपालों ने भूमाफियाओं व कुछ रसूखदारों व क्षेत्रीय सफेद पोश छुटभैय्ए नेताओं व ग्राम प्रधान की मदद से करोड़ों रुपए की
सरकारी भूमि को प्लाटिंग के माध्यम से बेंच दिया।
और करोड़ों रुपए का नुक़सान सरकारी राजस्व विभाग को हुआ।

आपको बताते चलें कि ग्राम पंचायत नीवा में सरकारी भूमि पर अबैध कब्जा कर व प्लाटिंग में षड्यंत्र रचा कर तब्दील लेखपालों की मिलीभगत से की गई। और भूमाफियाओं से मोटी रकम देकर लेखपालों व कानूनगो को मुनाफा पहुंचाया गया। उसके ऐबज में
लेखपालों द्वारा सरकारी भूमि पर अबैध तरीके से भूमाफियाओं व प्रापर्टी डीलरों को सरकारी भूमि गाटा संख्या 1147.1157.1117.1118.1110. 1110.1149.1191.1199.1112 . 1212.1214.1215.1221.1229.1230.1231.1256.1257.1278.1282.1276 नवीनपरती भूमि जोकि सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं। बाबजूद तहसील सरोजिनी नगर लखनऊ के उपजिलाधिकारी डा सचिन वर्मा द्वारा राजस्व विभाग के लेखपालों से लेकर कानूनगो के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई
और यह मामला सिर्फ नीवा का ही अकेला नहीं है।
10 बीघा सरकारी भूमि पर अबैध प्लाटिंग कर बेंच दीं गई रतोली मजरा खटोला ग्राम पंचायत की लेखपाल विवेक सिंह द्वारा व अमरीश रावत लेखपाल की मौजूदगी में वेयरहाउस व फैक्ट्रीयों तथा अन्य सरकारी भूमि अधिग्रहण की गई हैं। लेकिन अधिकारी जांच के नाम पर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।

इसी तरह की गड़बड़ी मिलने की सूचना मिलने पर मंडलायुक्त रोशन जैकब ने कललीमाती में जायजा लिया और गड़बड़ी मिलने पर मंडलायुक्त रोशन जैकब द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुए लेखपाल सुनील तिवारी कानूनगो दीपक अशोक पाण्डेय पाटनदीन तिवारी लेखपाल मृदुल मिश्रा संदीप यादव को तत्काल प्रभाव सस्पेंड कर दिया गया था। लेकिन
मंडला आयुक्त कमिश्नरेट रोशन जैकब के आदेशों का
अनुपालन स्वयं जिला अधिकारी भी नहीं रहें।
इसलिए मंडलायुक्त रोशन जैकब के आदेशों का मखौल उड़ाते हुए तहसील सरोजिनी नगर के कानूनगो पाटन दीन तिवारी तहसील परिसर अपने शुभचिंतकों से कहते फिर रहे हैं। कि ऐसे मंडलायुक्त बहुत आए और चले गए। मुझे सस्पेंड करने का सपना देखतीं रह जाएंगी। आखिर ऐसे दबंग पाटन दीन तिवारी कानूनगो अपने उच्चाधिकारियों के मखौल उड़ानें की ताकत कहा से मिल रहीं हैं। यह सोचने का गम्भीर विषय है। और किसी अधिकारी को सस्पैंड नहीं किया गया।

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