तहसील सरोजिनी नगर बन्थरा क्षेत्र की कई ग्राम पंचायत की सरकारी भूमि पर राजस्व

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लखनऊ

तहसील सरोजिनी नगर बन्थरा क्षेत्र की कई ग्राम पंचायत की सरकारी भूमि पर राजस्व विभाग के लेखपालों व उच्चाधिकारियों की मिलीभगत से
सरकारी राजस्व विभाग का करोड़ों रुपए नुकसान

मामला – ग्राम पंचायत खसरवारा में बड़े पैमाने पर चल रही सरकारी भूमि पर अबैध अधिग्रहण का खेल
किसी से छिपा नहीं है। क्षेत्रीय भूमाफियाओं व प्रापर्टी डीलरों व रसूखदारों के इशारे पर शासन प्रशासन भी
इस खेल में शामिल हैं। हम आपको बताते चलें कि थाना बन्थरा क्षेत्र में विगत 3 बर्ष पूर्व से लेकर कुछ ग्राम पंचायतों में कितने गांवों में सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों का उल्लेख इस प्रकार है। (1) ग्राम पंचायत खसरवारा में दो सरकारी तालाब गाटा संख्या 144 व 228 व 117 पर सरकारी जंगल ढांक की भूमि भी शामिल हैं। जोकि वर्तमान समय में धड़ल्ले प्लाटिंग के माध्यम बेचीं जा रही है। तथा अन्य सरकारी भूमि पर अधिकारियों की मेहरबानियों से वेयरहाउस तथा फैक्ट्रीयों के हवाले की जा चुकी है।

दूसरी – ग्राम पंचायत नीवा बरौली में हुए सरकारी तालाबो पर अबैध कामर्शियल भू-खंड निर्माण कार्य क्षेत्रीय लेखपालो व वर्तमान ग्राम प्रधान भी शामिल हैं
साथ ही इसी ग्राम पंचायत में यदि ईमानदारी किसी सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाए तो लेखपाल से लेकर राजस्व विभाग के जेल चले आयेंगे। जों भी लेखपाल नीवा में नियुक्त किया गया उस ने भ्रष्टाचार की हदें पार की और स्वयं खड़े होकर सरकारी भूमि पर अबैध कामर्शियल नवनिर्मित भूखंड निर्माण कार्य कराया गया। जबकि शिकायत करने पर जांच करने की अधिकारी बात कह कर पल्ला झाड़ते नजर आए
हालांकि सरकारी भूमि पर अबैध कब्जा की गाटा संख्या 293-298-286-312-1424-1425-1367 लगभग बेंचने की जानकारी बताई गई जिसमें स्वयं ग्राम प्रधान कब्जा करने में शामिल हैं। हालांकि यही जांच का विषय है।

तीसरी – नगर पंचायत बन्थरा स्थित करोड़ों रुपए की सरकारी भूमि पर अबैध कामर्शियल भू-खंड निर्माण से लेकर प्रापर्टी डीलरों व भूमाफियाओं तथा रसूखदारों से लेकर क्षेत्रीय नेताओं व शासन प्रशासन के अधिकारियों के संरक्षण में चल भ्रष्टाचार का खेल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शिकायतों के बाबजूद अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। जांच के नाम पर पल्ला झाड़ते नजर आते हैं। कुछ सरकारी भूमि व तालाबों तथा नवीनपरती भूमि पर अबैध कब्जा की गाटा संख्या 1590-1591-1592-1593 बन्थरा बाजार स्थित दूसरी सरकारी भूमि गाटा संख्या 29-रकबा 1734-1738-1734 व सरकारी चकरोड गाटा संख्या 990 रकबा 0.079 हें 0 जहानाबाद रोड स्थित अवैध कब्जा भूमाफियाओं द्वारा किए गए। नगर पंचायत बंथरा के ईओ से सैकड़ों बार लिखित शिकायत की गई बाबजूद इसके भूमाफियाओं तथा खनन माफियाओं को संरक्षण पुलिस प्रशासन से लेकर राजस्व विभाग के अधिकारी व नगर पंचायत भी इस भ्रष्टाचार के खेल में संलिप्त होना प्रतीत होता है। यह एक बहुत ही गम्भीर विषय है। इसकी जांच होनी चाहिए।

चौथी – ग्राम पंचायत खटोला मजरा रतौली में विगत तीन वर्षों में ग्राम प्रधान व लेखपाल विवेक सिंह व अमरीश रावत के कार्यकाल में वेयरहाउस से लेकर फैक्ट्रीयों तथा भूमाफियाओं तथा खनन माफियाओं के साथ मिलीभगत व षड्यंत्र रचा कर करोड़ों रुपए की सरकारी भूमि बेचकर डकार गए। कुछ सरकारी भूमि बेचें जानीं वाली भूमि के गाटा संख्या 260 मि0 रकवा 1.1950 ऊसर भूमि कब्जा गाटा संख्या 261 मि0 रकबा 0.2400 ऊपर भूमि कब्जा 251 मि0 रकवा 0.1900 ऊसर भूमि कब्जा। गाटा संख्या 268 मि0 रकवा 0.2670 नवीनपरती कब्जा गाटा संख्या 267 मि0 रकवा 0.0250 नवीनपरती कब्जा गाटा संख्या 265 मि0 रकवा 0.0250 नवीनपरती कब्जा
गाटा संख्या 264 मि0 रकवा 0.0460 सरकारी चकरोड कब्जा कर भूमाफियाओं बेचकर करोड़ों रुपए का सरकारी राजस्व को नुक्सान पहुंचा कर
नवनिर्मित भूखंड निर्माण कार्य व कामर्शियल भू-खंड निर्माण कार्य जारी किए गए। अधिकारियों से लिखित शिकायत करने पर लेखपाल विवेक सिंह को हटा कर
दूसरे लेखपाल को भेजा गया। बाबजूद राजस्व विभाग तहसील सरोजिनी नगर के उपजिलाधिकारी तथा तहसीलदार की अभी तक सिर्फ जांच हीं चल रही हैं। लेकिन भूमाफियाओं तथा लेखपाल से लेकर ग्राम प्रधान की कोई भी जबाब देही सुनिश्चित तय नहीं की गई। ऐसी बहुत ग्राम पंचायतों में भूमाफियाओं एवं खनन माफियाओ का आतंक देखा जा सकता हैं। रात्रि के अंधेरे में पुलिस शासन की गाड़ियां भी खनन माफियाओं को संरक्षण प्रदान करतीं हैं। यही योगी सरकार का भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन दिखाई दे रहा है।
ऐसे भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारीयों व भूमाफियाओं तथा खनन माफियाओ के खिलाफ ईमानदारी से जांच होनी चाहिए। खबर की पुष्टि हमारा चैनल व समाचार पत्र नहीं करता है।

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