बड़ी धूम धाम से काजीपुर में राजू ओझा के सहयोग से संगीतमई श्री मद्भागवत कथा का रस पान करते हुए. मुख़्य यजमान पवन कुमार ओझा राम कृष्ण ओझा राम रूप ओझा व्यास पीठ पर बैठे आनंद आश्रम जी महराज के मुख से निकले एक एक शब्द कथा के बिंदु सदाचार संध्या वंदन व कृष्ण कुमार ओझा विहीन व्यक्ति में ज्ञान या भक्ति का उदय असम्भव है!
मानव जीवन का परमोउद्देश्य ईस्वर की प्राप्ति है भोग बिलास कथमई नही!
वैदिक सनातन धर्म सृस्टि का धर्म है!
वही ग्रामीणों ने भी भागवत कथा का आनंद लेते हुए राधे राधे जय श्री कृष्णा के जय कारे के साथ झूम उठा पूरा पंडाल जनसत्ता दल के नेता के यन ओझा व कुण्डा के चेयरमैन शिव कुमार त्रिपाठी भगवन व क्षेत्र के लोग मौजूद रहे
प्रतापगढ़ मानिकपुर से राकेश कुमार धुरिया की रिपोर्ट
