फतेहगंज पश्चिमी। नगर पंचायत की नाला सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सफाई के दौरान जेसीबी से नाले की दीवार और आसपास का हिस्सा तोड़े जाने से मौके पर मलबा फैल गया। ईंट, सीमेंट और निर्माण सामग्री के ढेर से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। नाले की सफाई के नाम पर हुई इस कार्रवाई ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासी जितेंद्र मौर्य ने बताया कि उनके घर के सामने नाले के स्लैब हटाकर सफाई की गई। इसके बाद नाले के किनारे लगी फर्स और आसपास का निर्माण भी क्षतिग्रस्त हो गया। उनका कहना है कि सफाई के लिए स्लैब हटाना समझ में आता है, लेकिन नाले की दीवार और आसपास के हिस्से को तोड़ने का क्या औचित्य था। इससे घर के सामने रास्ता भी अस्त-व्यस्त हो गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले की गंदगी और सिल्ट हटाने के बजाय जेसीबी से कई जगह अनावश्यक तोड़फोड़ की गई। सवाल यह है कि सफाई के लिए तय सीमा से बाहर जाकर निर्माण तोड़ने की अनुमति किसने दी? यदि नाले की दीवार जर्जर नहीं थी तो उसे तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी और अब उसकी मरम्मत कौन कराएगा।
लोगों का कहना है कि नाला सफाई का उद्देश्य जल निकासी सुचारु करना है, न कि सफाई के नाम पर निर्माण को क्षतिग्रस्त कर मलबा फैलाना। एक ओर नगर पंचायत सफाई व्यवस्था बेहतर होने के दावे कर रही है, वहीं मौके की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों ने मामले की जांच कराकर नुकसान की भरपाई कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
नाला सफाई के नाम पर तोड़फोड़, जेसीबी से दीवार क्षतिग्रस्त।
