पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा नवाचार एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान को मिली राज्य स्तरीय पहचान
सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर,छत्तीसगढ़। विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2026 के अवसर पर पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति, बिलासपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राजभाषा परिषद, वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सहयोग से जलवायु परिवर्तन विषयक जन-जागरूकता अभियान एवं विविध पर्यावरणीय कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सुशांत शुक्ला विधायक बेलतरा विधानसभा क्षेत्र तथा अध्यक्षता डॉ. विनय कुमार पाठक कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज ने की। समारोह में एस. डी बड़गैया IFS पर्यावरण विद बिलासपुर डॉ. अभिलाषा बेहार सचिव छत्तीसगढ राजभाषा आयोग रायपुर शैलेंद्र सिंह कच्छवाहा , रमेशचंद्र श्रीवास्तव I.S.S. समीक्षक बिलासपुर , विष्णु कुमार तिवारी, वरिष्ठ साहित्यकार राजीव नयन शर्मा, नीरज जी, IFS वनमंडलाधिकारी बिलासपुर रश्मि श्रीवास्तव क्षेत्रीय अधिकारी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल , हेमंत कुमार गौर पर्यावरण विद एवं संजय शर्मा डायरेक्टर डी एल एस महाविद्यालय सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह–2026 में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर की वरिष्ठ व्याख्याता शांति सोनी को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, सांस्कृतिक संरक्षण, शिक्षा में नवाचार तथा सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित “पर्यावरण मित्र सम्मान–2026” से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान पर्यावरण जागरूकता, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, सामाजिक सहभागिता तथा विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करने हेतु उनके सतत एवं समर्पित प्रयासों की स्वीकृति का प्रतीक है। उनके इस सम्मान से विद्यालय, क्षेत्र एवं संपूर्ण शिक्षा जगत गौरवान्वित हुआ है।
सम्मान प्राप्त करने के उपरांत शांति सोनी ने इस उपलब्धि को विद्यार्थियों, सहकर्मियों, समाज एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यरत सभी जागरूक नागरिकों को समर्पित करते हुए भविष्य में भी जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। जन-जागरूकता अभियानों पर भी डाला प्रकाश।
इस अवसर पर शांति सोनी ने विद्यालयों एवं समाज में संचालित विभिन्न जन-जागरूकता अभियानों की जानकारी देते हुए बताया कि उनके नेतृत्व में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन एवं जागरूकता हस्ताक्षर अभियान, नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान तथा जल संरक्षण जागरूकता एवं हस्ताक्षर अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में स्वास्थ्य, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि—”प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सुरक्षा है। पर्यावरण संरक्षण केवल हमारा दायित्व नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है।”
