पार्थ रिपब्लिक मेम्बर्स एसोसिएशन ने पार्थ इन्फ्रा बिल्ड प्रा. लि. के खिलाफ एसीपी कृष्णानगर को दिया प्रार्थना पत्र
षणयंत्र के साथ करोड़ो की ठगी , कई लोग फ्लैट को लेकर दर दर भटकने पर मजबूर
निष्पक्ष जाँच पड़ताल कराए जाने व आरोपियों की सम्पत्तियों बैंक खातो एंव वित्तीय लेन देन की जाँच की जाने की मांग की
कम्पनी द्वारा किया जाने वाला निर्माण कार्य विगत कई वर्षों से पूरी तरह ठप है, किस्तों की रकम हजम
सरोजनी नगर। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर थाना के अंतर्गत दिन सोमवार को दरोगा खेड़ा स्थित पार्थ इन्फाबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड एंव उसके निदेशको प्रमोटरो तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा फ्लैट खरीददारों के साथ धोखधड़ी छलपूर्वक धन प्राप्त करने, आपराधिक विश्वासघात, धन के दुरुपयोग, अपराधिक षडंयत्र एंव अन्य संज्ञेय अपराध किए जाने के सम्बन्ध में एफआईआर दर्ज कराने हेतु एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा को प्रार्थना पत्र दिया, दिए गए लिखित प्रार्थना पत्र में बताया कि सभी ठगी के शिकार हुए पीड़ित खरीदार आंवटी है, जिन्होने वर्ष 2015 एंव उसके पश्चात प्रधानमंत्री आवास योजना (PMA4) एवं अन्य योजनाओं के अन्तर्गत पार्थ इन्फ्रा बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कानपुर रोड मिरानपुर विनवट लखनऊ की आवासीय परियोजना मे फ्लैट बुक किया था। कम्पनी के निदेशको प्रमोटरो एजेंटो तथा अन्य अधिकारियों द्वाराा विज्ञापनों, ब्रोशर, बैठको तथा अन्य माध्यमों से हमें यह विश्वास दिलाया गया कि परियोजना निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर हमें फ्लैट का कब्जा दे दिया जाएगा। उक्त आश्वासनो एंव प्रस्तावतियों पर विश्वास करके हमने अपनी जीवन भर कि जमा पूंजी तथा बैंक ऋण आदि की व्यवस्था कर कंपनी में निवेश किया। मेसर्स पार्थ इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड CIN NO L170 10g DL 2006 PTC 152197 एक कंपनी जो कम्पनी अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकृत है, जिसका पंजीकृत कार्यालय 311-315 तृतीय तल नौरगं हाउस 21 कस्तूरबा गांधी मार्ग नई दिल्ली-110001 स्थित है तथा क्षेत्रिय कॉर्पोरेट कार्यालय तृतीय तल, एल्डेको कॉर्पोरेट टॉवर विभूति खंड, गोमती नगर लखनऊ-226010 उत्तर प्रदेश में स्थित है ,जो अपने निदेशको, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओ अधिकारियों एंव कंपनी के कार्यों के लिए उत्तरदायी अन्य व्यक्तियों के माध्यम से कार्यरत है। इसके अतिरिक्त परियोजना से सम्बधित संस्थाएं एंव भूमि स्वामी कंपनियां भी सम्मिलित है। कंपनी द्वारा समय-समय पर मांगी गई समस्त धनराशि एंव किश्तों का भुगतान हमने नियामनुसार कर दिया है। परन्तु कम्पनी द्वारा किया जाने वाला निर्माण कार्य विगत कई वर्षों से पूरी तरह ठप है। विभिन्न नियामक संस्थाओं द्वारा दी गई मान्यता भी समाप्त हो चुकी है। जिसका बहाना लेकर कम्पनी हम लोगों को टरका रही है। बिल्डर के पास कोई कार्य योजना एवं निर्माण करने वाला अभियांत्रिकी विभाग भी नहीं है। कंपनी के इस आचरण से स्पष्ट है कि हम खरीददारों को विभिन्न आश्वसनों एं प्रस्तुतियों के माध्यम से धन निवेश के लिए प्रेरित किया गया। तथा हमारी धनराशि प्राप्त करने के पश्चात कंपनी ने अपने वादों को पूरा नहीं किया। इससे हमें भारी आर्थिक क्षति हुई। कंपनी एंव उससे जुड़े व्यक्तियों को अनुचित लाभ प्राप्त हुआ। हमारे साथ सुनियोजित रुप से धोखा धड़ी की गई है। जिस उद्देश्य से धन प्राप्त किया उसकी पूर्ति नहीं की गई। कंपनी द्वारा धनराशि के उपयोग के सम्बन्ध में पारदर्शिता नही बरती गई तथा धन का दुरुपयोग अथवा अन्यत्र प्रयोग किया गया है। 01 जून 2026 को प्रोजेक्ट की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी लेने हेतु इनके पंजकृत कार्यालय एल०डी०ए० टॉवर विभूति खण्ड गोमती नगर लखनऊ में समिति के सदस्य गए थे वहां पर उनके जिम्मेदार कर्मचारियों के द्वारा कोई सूचना नहीं दी गई। बाद में कंपनी द्वारा समिति को एक मेल दी गई और प्रोजेक्ट को पूर्ण करने योजना नहीं बताई गई जिससे सिद्ध होता है कि कम्पनी की नियत प्रोजेक्ट को पूर्ण करने की नहीं है तथा वे समस्त आवाटियों का धन गबन कर जाना चाहती है। इस प्रकार उनके कार्य आपराधिक षड्यंत्र को दर्शाता है इसके अतिरिक्त कम्पनी ने रियल स्टेट नियामक व्यवस्था के अन्र्तगत एक प्रोजेक्ट पर लगाये गये मूल दायित्वो का भी उल्लघन किया है। परियोजना के सम्बन्ध में पादर्शिता बनाए रखने प्राप्त धनराशि का नियमानुसार उपयोग करने तथा समय पर कब्जा प्रदान करने के दायित्वों का पालन नही किया गया। इससे आवटियों के वैधानिक अधिकारों का गंभीर हनन हुआ है। पार्थ इन्फ्रा बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के निर्देश को डा०बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के निर्देश को डा० अनुभा यादव सुपुत्री शिवपाल, सिंह यादव एंव रोहित यादव, अधिकारियों तथा परियोजना से सम्बन्धित अन्य कर्मचारियों एंव उनके उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की प्रासगिंक धाराओं विशेष रुप से धोखाधड़ी अपराधिक विश्वास घात, आपराधिक षणयंत्र एंव अन्य संगत धाराओं मे तत्काल एफ०आई०आर० दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना कराए जाने एवं आरोपियों की सम्पत्तियों बैंक खातो एंव वित्तीय लेन देन की जाँच कर पीड़ित आंवटियों के हितो की रक्षा हेतु वैधानिक कार्यवाही की जाएं । इस मौके पर पार्थ रिपब्लिक मेम्बर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी मेंबर्स रेनू वर्मा अध्यक्ष, संतोष कुमार वर्मा उपाध्यक्ष, कैलाश चन्द्र मठपाल सचिव, अभय कुमार सिंह कोषाध्यक्ष, रश्मि त्रिवेदी सदस्य, अमित कुमार वर्मा सदस्य, प्रवीण दीक्षित अधिवक्ता, आनंदेश्वर अवस्थी मनोज वर्मा सहित अन्य पीड़ित उपस्थित रहें।
