• 9 से 17 जून तक 36 साइटों पर चलेगा विशेष सर्वेक्षण
• रात के समय लिए जाएंगे रक्त नमूने, संक्रमण की स्थिति के आधार पर बनेगी आगे की कार्ययोजना
गोण्डा, 9 जून 2026: जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को गति देने के लिए 9 से 17 जून तक नाइट ब्लड सर्वे चलाया जाएगा। सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि चयनित क्षेत्रों में फाइलेरिया संक्रमण की वर्तमान स्थिति क्या है और किन इलाकों में आगे विशेष हस्तक्षेप की आवश्यकता है। अभियान के सफल संचालन के लिए मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सन्त लाल पटेल की अध्यक्षता में लैब टेक्नीशियनों, प्रयोगशाला सहायकों एवं अन्य संबंधित कर्मियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को रक्त नमूना संग्रह, स्लाइड तैयार करने, जांच प्रक्रिया तथा रिपोर्टिंग की तकनीकी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सर्वे के निष्कर्ष फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की आगामी रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जिले के 12 विकास खंड होंगे सर्वे में शामिल-
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सन्त लाल पटेल ने बताया कि जनपद के 12 विकास खंडों में कुल 36 साइटों का चयन किया गया है। प्रत्येक विकास खंड में दो रैंडम और एक सेंटीनल साइट पर सर्वे किया जाएगा। बभनजोत, बेलसर, छपिया, कर्नलगंज, हलधरमऊ, इटियाथोक, झंझरी, कटरा बाजार, मुजेहना, नवाबगंज, पंडरी कृपाल तथा परसपुर विकास खंड सर्वेक्षण में शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें चयनित क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की उंगली से रक्त की बूंद लेकर जांच के लिए स्लाइड तैयार करेंगी।
रात में ही क्यों लिया जाता है रक्त नमूना?-
नोडल संचारी रोग डॉ. सी.के. वर्मा ने बताया कि फाइलेरिया फैलाने वाले सूक्ष्म परजीवी दिन के समय शरीर की गहरी रक्त वाहिकाओं में रहते हैं, जबकि रात के समय सतही रक्त प्रवाह में सक्रिय हो जाते हैं। इसी कारण रक्त नमूने रात्रि 10 बजे से तड़के 2 बजे के बीच लिए जाते हैं, जिससे संक्रमण की सही स्थिति का पता चल सके।
उन्होंने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर दवा वितरण, निगरानी और जनजागरूकता गतिविधियों की आगे की योजना तैयार की जाती है।
प्रशिक्षण में दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश-
जिला मलेरिया अधिकारी एस.जेड.ए. जैदी ने प्रशिक्षणार्थियों को सर्वे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, स्लाइड निर्माण, रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया तथा समयबद्ध रिपोर्टिंग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सर्वे की सफलता के लिए आमजन का सहयोग आवश्यक है और लोगों को जांच कराने में संकोच नहीं करना चाहिए।
इस अवसर पर सहायक मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक सुनील कुमार चौधरी, भवानी प्रसाद तिवारी, पुष्पेन्द्र कुमार, चंद्रकला, फाइलेरिया निरीक्षक दीपा तिवारी, वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन सुशील कुमार मिश्रा, पीसीआई के डिविजनल ऑफिसर खालिद हुसैन, पाथ के प्रतिनिधि मो. शकील तथा सी-फॉर के जनपद प्रतिनिधि गौरव श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
फाइलेरिया की मौजूदा स्थिति का होगा आकलन, 12 ब्लॉकों में शुरू होगा नाइट ब्लड सर्वे
