लखनऊ के दो थाना क्षेत्रों में फैला सट्टे का जाल: आशियाना और पीजीआई पुलिस पर ‘मैनेज’ होने के आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए आशियाना और पीजीआई (तेलीबाग) थाना क्षेत्रों में सट्टे और जुए का एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध कारोबार को स्थानीय पुलिस का कथित संरक्षण प्राप्त है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
गमले की दुकान की आड़ में लाखों का दांव
आशियाना और तेलीबाग के कुबेर बगिया निकट अजीत नाम के व्यक्ति द्वारा पीजीआई इलाके में और आशियाना में सूरज रावत उर्फ गडरिया नाम के व्यक्ति की गमले की दुकान की आड़ में यह पूरा खेल खेला जा रहा है। दिखावे के लिए यह पौधों की दुकान है, लेकिन इसके पीछे रोजाना लाखों रुपये के जुए और सट्टे की महफिल सजती है। इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य सरगना सुजीत नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है, जो पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है।
“थाना-चौकी सब मैनेज है, कोई कुछ नहीं कर सकता”
सट्टा संचालक सुजीत इलाके में खुलेआम घूमकर पुलिसिया इकबाल को चुनौती दे रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुजीत का दावा है कि उसने आशियाना और पीजीआई में अजीत नामक व्यक्ति द्वारा थाना समेत स्थानीय चौकियों को पूरी तरह ‘मैनेज’ कर रखा है। वह बेखौफ होकर लोगों से कहता है कि पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती, क्योंकि हर महीने तय मोटी रकम नीचे से ऊपर तक पहुंचती है।
साख के घेरे में आशियाना और पीजीआई पुलिस
योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के तमाम दावों के बावजूद दो प्रमुख थानों की नाक के नीचे चल रहा यह धंधा खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर दाग लगा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठी है, जिससे कानून व्यवस्था पर से जनता का भरोसा उठ रहा है।
अब देखना यह होगा कि इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद लखनऊ के पुलिस कमिश्नर आशियाना और पीजीआई पुलिस के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाते हैं।
लखनऊ के दो थाना क्षेत्रों में फैला सट्टे का जाल: आशियाना और
