फतेहपुर लेखपाल की मौत पर
फतेहपुर के लेखपाल सुधीर कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद प्रदेश भर के लेखपालों में आक्रोश है। इसी क्रम में शुक्रवार को कैम्पियरगंज तहसील मुख्यालय पर लेखपालों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए मामले की न्यायिक जांच की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व तहसील मंत्री दिवाकर वर्मा ने किया।
लेखपालों ने आरोप लगाया कि उन पर लगातार बढ़ता कार्यभार, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त बोझ और फील्ड में सुरक्षा का अभाव उनकी कार्यस्थितियों को अत्यंत खराब कर रहा है। उन्होंने सुधीर कुमार की मौत को इसी दबाव और उपेक्षा का परिणाम बताया, जिसके चलते न्यायिक या उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई गई है।
प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सुधीर कुमार की मौत की न्यायिक या उच्चस्तरीय जांच कराना, लेखपालों पर थोपे जा रहे गैर-राजस्व कार्यों को बंद करना, सर्वेक्षण और सत्यापन जैसे अतिरिक्त कार्यों के लिए स्पष्ट मानक तय करना तथा फील्ड कार्य के दौरान सुरक्षा व संसाधन उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अतिरिक्त, खाली पदों को तत्काल भरने, लंबित पदोन्नतियों सहित सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान करने और मृतक लेखपाल के परिवार को आर्थिक सहायता व एक सदस्य को नौकरी देने की भी मांग की गई।
लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और व्यापक किया जाएगा। इस प्रदर्शन में योगेन्द्र प्रताप सिंह सुधीर मिश्रा अखिलेश कुमार विनित सिंह हेमन्त शुक्ला पज्ञा मिश्रा हशिता सिंह अजीत पटेल सहित कई लेखपाल उपस्थित रहे।
करीब तीन घंटे चले इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद लेखपालों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन डीपीआरओ हिमांशु वर्मा को सौंपा। लेखपालों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अगला कदम उठाने को मजबूर होंगे, जो और कठोर हो सकता है।
