• अब तक 24.78 लाख से अधिक लोगों ने खाई दवा
• छूटे हुए लोग अब भी ले सकते हैं खुराक
• आशा कार्यकर्ता का घर बना सुरक्षित दवा केंद्र
गोंडा, 2 सितम्बर 2025:
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 28.76 लाख लोगों के सापेक्ष्य 24.78 लाख यानि 86.2 फीसदी से अधिक लोग दवा सेवन कर चुके हैं। जो लोग अभियान के दौरान घर पर नहीं मिले या झिझक की वजह से दवा से वंचित रह गए। उनके लिए स्वास्थ्य विभाग ने 2 से 6 सितम्बर तक मॉपअप राउंड चलाने का निर्णय लिया है, ताकि कोई भी व्यक्ति इस लाइलाज बीमारी से बचाव के अवसर से वंचित न रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान कुछ लोग जैसे – मजदूर, किसान, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग सुबह काम पर निकल जाते थे और देर शाम लौटते थे, ऐसे में वह दवा सेवन से छूट गए थे, या कुछ लोगों में दवा सेवन को लेकर संकोच था, अब वह सभी मॉपअप राउंड में दवा सेवन कर सकते हैं , आशा कार्यकर्ता पुनः उनके घर दवा सेवन कराने आएगी, इसके आलावा आशा कार्यकर्ता का घर भी डिपो बनाया गया है, जहां कोई भी अपने समयनुसार जाकर दवा सेवन कर सकता है।
वेेक्टर बॉर्न डिज़ीज़ नोडल अधिकारी डॉ. सी.के. वर्मा ने बताया कि देखा जा रहा है कि मौसम बदलने के कारण बुखार, शुगर, बीपी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोग दवा खाने में संकोच कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया से बचाव की दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। ऐसे सभी लोग निःसंकोच दवा खा सकते हैं। यह दवा सिर्फ दो साल से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और ऐसे गंभीर रोगियों को नहीं दी जाती है जो बिस्तर पर हैं। इनके अलावा हर व्यक्ति को यह दवा अवश्य खानी चाहिए।
क्यों जरूरी है दवा सेवन –
डॉ. सी.के. वर्मा ने कहा कि फाइलेरिया एक बार हो जाय तो जीवनभर हाथ-पैर में सूजन और विकलांगता का कारण बन जाती है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। यही कारण है कि इससे बचाव की दवा सभी को खिलाई जा रही है। दवा सेवन से छिपे फाइलेरिया के सूक्ष्म कृमि नष्ट हो जाते हैं और व्यक्ति बीमारी से सुरक्षित हो जाता है। उन्होंने अपील की कि हर व्यक्ति इस मौके का लाभ उठाए और छः सितम्बर तक दवा जरूर सेवन कर ले।
,
