महराजगंज, जनपद के फरेंदा क्षेत्र में प्राइवेट दुकानों प्राइवेट एवं बड़े संस्थानों में बड़े पैमाने पर बाल श्रम कराया जा रहा है ऐसे में सरकार इन सब कामों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाना चाहिए यह जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होती है लेकिन उनको फुर्सत कहां है किसी की समस्या सुनने का। बाल श्रम पर तमाम ऐसे संगठन है आप फोटो में बढ़िया आसानी से देख सकते हैं यह मामला (रवि टी स्टॉल एंड रेस्टोरेंट फरेंदा क्षेत्र) का है। स्वयंसेवी एवं सामाजिक संगठन जो इन मुद्दों को लेकर के समय-समय पर प्रदर्शन करते रहते हैं तमाम ऐसे दुकान और प्रतिष्ठान है जहां पर खुलेआम बाल श्रम काम चल रहा है संबंधित और विभागीय अधिकारी इन मामले को संज्ञान में नहीं लेते हैं जब कहीं बाल श्रम का उत्पीड़न होता है या कोई घटना घटती है तभी संबंधित अधिकारी और विभाग भी अधिकारी जांच करने पहुंच जाते हैं। जिन 18 वर्ष से कम आयु की बच्चों के हाथों में कॉपी, किताब, कलम, खेल, स्वास्थ्य से संबंधित और बहुत सारी चीजे होनी चाहिए । अगर अधिकतर देखा जाए तो ऐसे श्रमिकों के मां-बाप या तो गरीबों के कारण या तो बहुत मजबूरी में यह सब काम करवाते हैं। लेकिन संबंधित दुकान या व्यापारिक प्रतिष्ठान कि उनके मजबूरी और गरीबी से क्या मतलब है।उनके बचपन से खेला जाता है यह तस्वीरों में आप साफ तौर पर देख सकते हैं। इस संबंध में क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया तो नंबर या तो बंद मिला या तो स्विच ऑफ। अब देखना यह है इस खबर को देखने पढ़ने के बाद क्षेत्रीय संबंधित अधिकारी मामले को संज्ञान में लेते हैं या सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा।
महाराजगंज के फरेंदा क्षेत्र में बाल श्रम जोरों पर संबंधित अधिकारी अनजान
