सरोजनी नगर, लखनऊ। हादसे को दावत दे रहे खुले विद्युत ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से एक ट्रक चालक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद विद्युत विभाग और संबंधित कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, रिलीफ पेपरवर्क्स एलएलपी कंपनी जो कि प्लॉट नंबर 213 बेहतवा परगना बिजनौर तहसील सरोजनीनगर कान्हा उपवन रोड सफे एक्सप्रेस लखनऊ परिसर में विद्युत विभाग द्वारा लगाए गए ट्रांसफार्मर के खुले होने की वजह से यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक राधे लाल, निवासी पिपरौली, साउथ सिटी 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि यदि घटना के तत्काल बाद उन्हें चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करा दी जाती तो संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों के मुताबिक, घटना की सूचना उन्हें करीब एक घंटे बाद दी गई। सूचना मिलने के बाद परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, जिसके पश्चात राधे लाल को सरोजनी नगर स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर सरोजनी नगर पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन से जुड़े ट्रांसफार्मर को खुले में क्यों छोड़ा गया था और सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम क्यों नहीं किए गए? यदि ट्रांसफार्मर के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग होती तो क्या इस हादसे को टाला जा सकता था?
अब देखना यह है कि विद्युत विभाग और संबंधित कंपनी की कथित लापरवाही की जांच कब होती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हादसे की वास्तविक परिस्थितियां और अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।
