विनय शंकर तिवारी की गिरफ्तारी का विरोध

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सुनील पाठक ब्यूरो, गोरखपुर/ पूर्वांचल
“गोरखपुर ,लखनऊ सहित कई ठिकानों पर ई डी ने रेड की थी, सत्ता के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का ऐलान”
गोरखपुर ,पूर्वांचल की राजनीति का मजबूत प्रतीक माने जाने वाले तिवारी हाता एक बार फिर ब्राह्मण स्वाभिमान की बुलंद आवाज उठ रही है पंडित हरिशंकर तिवारी के परिवार की ओर से जारी विस्तृत के अनुसार कहा गया है कि अब तिवारी हाता प्रदेश और देश की एकाधिकार वादी सत्ता प्रणाली के खिलाफ निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है।
बयान में कहा गया कि तिवारी ह।टा सिर्फ एक मकान नहीं बल्कि एक विचारधारा है जिसने हमेशा ब्राह्मण स्वाभिमान सामाजिक न्याय सेवा को केंद्र में रखा गया। यह स्थान स्वर्गीय पंडित हरिशंकर तिवारी के पुरुषार्थ जन समर्पण और समाज के लिए किए गए संघर्षो का जीवन प्रतीक है यहां रहने वाला हर व्यक्ति अपने निजी हितों से ऊपर उठकर समाज के लिए समर्पित रहा है।
परिवार का कहना है की तिवारी ह।टा पहले भी सत्ताधारित फैक्टर के निशाने पर रहा लेकिन हर बार जवाब मजबूती और मर्यादा से दिया गया ।आज जब एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चुनौती दी जा रही है तो तिवारी ह।टा संघर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार है बयान में कहा गया है कि यह सिर्फ राजनीतिक टकराव नहीं बल्कि न्याय सम्मान और आत्म गौरव की लड़ाई है।
परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार न्यायिक सामाजिक और वैचारिक पर लड़ाई लड़ेंगे बिना मर्यादा कोई लोकतांत्रिक तरीकों से हर सवाल का जवाब दिया जाएगा।
बयान में यह लिखा गया है कि तिवारी ह।टा हमेशा पुरुषार्थों की भूमि रही है यहां से निकलने वाले नेता सिर्फ सत्ता के भूखे नहीं बल्कि समाज की पीडा को समझने और उसे के लिए खड़े होने वाले लोग हैं बाबूजी पंडित हरि शंकर तिवारी की राजनीतिक विरासत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है और यही कारण है कि आज भी लाखों समर्थक बिना किसी आह्वान के खड़े नजर आते हैं।
विनय तिवारी ने समर्थकों से की एकजुट रहने की अपील विनय तिवारी और पूरे परिवार में समर्थन से अपील करते हुए कहा कि यह कठिन समय जरूर है लेकिन भावुकता का नहीं है बल्कि एक जुटता और दृढ़ता से लड़ने का समय है उन्होंने कहा हमारा संघर्ष सत्ता के खिलाफ नहीं बल्कि उसे विचारधारा के खिलाफ है जो ब्राह्मण स्वाभिमान उत्कृष्ट सेवा और पारिवारिक विरासत को मिटाने का प्रयास कर रही है।
बयान के अंत में परिवार एक मजबूत संदेश दिया संघर्ष ही जीवन है हम लड़ेंगे और जीतेंगे एक बार फिर तिवारी ह।टा के प्रतिष्ठा और वैभव को स्थापित करेंगे। और जब इतिहास लिखा जाएगा तो उसमें यह जरुर लिखा जाएगा कि पंडित जी का समय लौट आया है।
तिवारी ह।टा का रुख राजनीतिक गलियां में हलचल मचा सकता है अब देखना होगा कि सत्ताधारी पक्ष इस चुनौती का क्या जवाब देता है और यह समर्थन किस तरह से इस आंदोलन को आगे बढ़ते हैं।

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