जेएसवाई बनी सुरक्षित प्रसव की संबल, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ीं 45 हजार से अधिक माताएं

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  • देवीपाटन मंडल में अप्रैल से जुलाई तक 45 हजार से अधिक अस्पताल में हुए प्रसव
  • 31 हजार से अधिक प्रसूताओं को मिला जननी सुरक्षा योजना का लाभ

गोंडा, 20 अगस्त 2026: जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के जरिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की स्वास्थ्य विभाग की मुहिम का असर देवीपाटन मंडल में दिखाई दे रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों अप्रैल से जुलाई के बीच मंडल के चारों जिलों में 45,333 संस्थागत प्रसव दर्ज किए गए। स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव होने से गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में प्रसव की सुविधा मिली। किसी भी जटिलता की स्थिति में उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सका।
इंचार्ज अपर निदेशक व सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल के अनुसार, प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप, प्रसव के समय या बाद में झटके आना (एक्लेम्पसिया) तथा गर्भस्थ शिशु की धड़कन में उतार-चढ़ाव जैसी गंभीर आपात स्थितियां अचानक उत्पन्न हो सकती हैं। घर पर प्रसव की स्थिति में ऐसी जटिलताएं गंभीर रूप ले सकती हैं। वहीं स्वास्थ्य केंद्र पर दक्ष डॉक्टर, प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ, जरूरी उपकरण और दवाएं उपलब्ध होने से जटिलता की पहचान कर तत्काल जीवनरक्षक उपचार दिया जा सकता है।
पोषण और देखभाल में मददगार है प्रोत्साहन राशि-

वर्ष 2005 में शुरू हुई जननी सुरक्षा योजना के जरिए महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि मां और नवजात को समय पर जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। योजना के तहत प्रसव के बाद बेहतर खान-पान और देखभाल के लिए ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1,400 रुपये तथा शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है।

सुरक्षित प्रसव के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का बढ़ा दायरा –
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक राहुल पटेल ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना केवल प्रसव के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों तक लाने का माध्यम भी है। इससे एक ओर मां और बच्चे को सुरक्षित प्रसव एवं चिकित्सकीय देखभाल मिलती है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, प्रसव पश्चात देखभाल और नवजात स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सफल हो रहा है।
मंत्रा पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में अप्रैल से जुलाई तक 33,431 पंजीकृत लाभार्थियों में से 31,439 यानी करीब 94 प्रतिशत प्रसूताओं को योजना का लाभ दिया जा चुका है।
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, बहराइच में 17,143 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 9,524 प्रसूताओं को योजना से आच्छादित किया गया। इसी क्रम में गोंडा में 11,611 प्रसव के सापेक्ष 8,751 महिलाओं, बलरामपुर में 9,499 प्रसव के सापेक्ष 7,662 लाभार्थियों तथा श्रावस्ती में 7,080 प्रसव के सापेक्ष 5,502 महिलाओं को योजना का लाभ मिला।
प्रसव के लिए आते समय साथ रखें जरूरी दस्तावेज-
• प्रसूता का आधार कार्ड
• अद्यतन बैंक पासबुक
• जच्चा-बच्चा सुरक्षा कार्ड
इन दस्तावेजों को साथ रखने से स्वास्थ्य सेवाओं और जेएसवाई की प्रोत्साहन राशि का लाभ लेने में आसानी होगी।

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