आखिरी कुल के बाद दुआ के साथ उर्से शेरी का समापन
संवाददाता
बहेड़ी। उर्से शेरी का आज कुल की रसूमात के साथ समापन हो गया। मुल्क में अमन और मुल्क की तरक़्क़ी के लिए दुआ की गई। मुल्क के बाशिंदो से आपस में प्यार -मोहब्बत के साथ रहने की अपील की गई।
रात में आयोजित ताजुल असफिया कॉन्फ्रेंस में मुफ़्ती क़ासिम अशरफी काशीपुरी ने शाहजी मियाँ और अच्छे मियाँ की हयाते ज़िन्दगी पर रौशनी डाली और इस्लाम के सही रास्ते पर चलने की अपील की।पीलीभीत से आए शायर कलीम रज़ा ने शाहजी मियाँ और अच्छे मियाँ की शान में कलाम पेश किया।
कुल के दौरान मौलाना सईद अख्तर भोजपुरी ने मुजद्दिद अल्फिसानी की शख्सियत पर रौशनी डाली, और बताया कि किस तरह बादशाह अकबर के चलाए दीने इलाही का उन्होंने रद किया था।इस मौके पर शाहजी एकेडमी की जानिब से हाफ़िज़ अनवार अहमद की किताब तज़किराए अइमाए का रस्म इजरा कराया गया।उर्स ख़ालिद मियाँ और निशात मियाँ की ज़ेरे निगरानी सम्पन्न हुआ। बड़ी तादाद में अक़ीदतमंद उर्स में शरीक हुए।
प्यार-मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम आम किया जाए ‘
