स्थान – रामलीला मैदान, मानसरोवर, गोरखनाथ
भक्ति और आस्था से ओतप्रोत वातावरण, गगनभेदी उद्घोष, और दीपक की लौ में प्रकट हुए नंदलाल! ऐसा दृश्य जिसने हजारों भक्तों की आँखों को अश्रुपूरित कर दिया और अंतरात्मा को श्रीकृष्णमय बना दिया।
स्वर सागर संस्था द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा के पावन अवसर पर, जब अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया कथा वाचन कर रहीं थीं, तभी आरती के क्षण में दीपक की लौ में श्रीकृष्ण का दिव्य छाया रूप प्रकट हुआ।
इस दिव्य दर्शन को न सिर्फ मंच पर उपस्थित भक्तों ने देखा, बल्कि पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालु इस चमत्कारी क्षण के साक्षी बने। दीपक की लौ में स्पष्ट रूप से श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की छाया प्रकट होती देख लोग स्तब्ध रह गए।
आरती के समय यह चमत्कारी दृश्य जैसे प्रभु की उपस्थिति की साक्षात मुहर बन गया।
स्वर सागर संस्था के पदाधिकारियों ने इसे ईश्वरीय संकेत बताया और कहा कि “जहाँ सच्ची भक्ति होती है, वहाँ भगवान स्वयं प्रकट होते हैं। यह दृश्य उसी सच्ची भावना का प्रमाण है।”
आयोजन: स्वर सागर संस्थ
मुख्य यजमान
सुनिशा श्रीवास्तव
एवं सुनील श्रीवास्तव
स्थान: रामलीला मैदान, मानसरोवर, गोरखनाथ, गोरखपुर
कथा व्यास: अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया
