पीलीभीत / लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। पीलीभीत जिले में मतदाता सूची में फर्जी तरीके से नाम जोड़ने के मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी (DM) की जांच रिपोर्ट के आधार पर 2 उपजिलाधिकारियों (SDM) और एक कंप्यूटर सहायक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
DM की रिपोर्ट के अनुसार, 31 मई से 29 अगस्त 2026 के बीच कुल 13,779 एंट्रियां बिना निर्धारित फॉर्म और बिना वैध दस्तावेजों के कर दी गईं। इनमें से 10,470 एंट्रियां सिस्टम में अप्रूव भी हो गईं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह एंट्रियां नियमानुसार BLO के सत्यापन के बिना की गईं।
इस मामले के उजागर होने के बाद से पूरे प्रदेश में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पीलीभीत में यह संभव है, तो लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, सुल्तानपुर सहित अन्य जिलों में भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के कार्यालय ने सभी जिलों को मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं।
जनता क्या करे?
- अपना नाम https://voters.eci.gov.in या Voter Helpline App पर जरूर चेक करें। 2. अपने परिवार के सदस्यों की संख्या का मिलान वोटर लिस्ट से करें। 3. अपने क्षेत्र के BLO से संपर्क में रहें और उनका मोबाइल नंबर सेव रखें। 4. किसी भी गड़बड़ी पर https://ceouttarpradesh.nic.in या जिला निर्वाचन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।
(नोट: यह खबर पीलीभीत DM की रिपोर्ट और दर्ज FIR के आधार पर है। बी.ए. न्यूज़ किसी भी अफवाह का समर्थन नहीं करता, नागरिक स्वयं आधिकारिक पोर्टल पर सत्यापन करें।)
