बिना मानकों (नियम-कानूनों) के चल रहे अवैध कोचिंग संस्थानों पर एक विस्तृत समाचार रिपोर्ट
मानकों की अनदेखी: छात्रों के भविष्य और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे अवैध कोचिंग सेंटर
विशेष संवाददाता
राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत रुचि खंड द्वितीय शारदा नगर योजना में ई. डब्लू. एस ( 330 स्क्वायर फीट) में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा है ! संचालक का नाम गणेश द्विवेदी है और एक भी मानक पूर्ण नहीं है!
शहर भर में कुकरमुत्ते की तरह उग आए अवैध और गैर-मानक कोचिंग संस्थान छात्रों के भविष्य के साथ-साथ उनकी जान के लिए भी बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। बिना किसी वैध पंजीकरण (Registration), फायर सेफ्टी एनओसी (Fire Safety NOC) और बुनियादी ढांचे के, संकरी गलियों और तंग बेसमेंटों में धड़ल्ले से दर्जनों कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।
सुरक्षा मानकों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां
प्रशासनिक नियमों के अनुसार, किसी भी कोचिंग संस्थान को संचालित करने के लिए फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास (Emergency Exit), पर्याप्त वेंटिलेशन और छात्रों के बैठने की मानक क्षमता का होना अनिवार्य है। हालांकि, धरातल पर स्थिति बेहद चिंताजनक है:
तंग बेसमेंट और single-exit निर्माण: अधिकांश अवैध कोचिंग सेंटर बिना किसी दूसरे निकास द्वार के बेसमेंट में चलाए जा रहे हैं, जो आग या किसी अन्य आपात स्थिति में ‘मौत का कुआं’ साबित हो सकते हैं।
फायर सेफ्टी उपकरणों का अभाव: अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers) या तो उपलब्ध नहीं हैं, या फिर वे लंबे समय से एक्सपायर हो चुके हैं।
क्षमता से अधिक एडमिशन: 20 से 30 छात्रों वाले कमरों में 80 से 100 छात्रों को बैठाया जा रहा है, जिससे घुटन और भगदड़ जैसी स्थिति बनने का खतरा लगातार बना रहता है।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर सिर्फ छलावा
उत्तर प्रदेश/स्थानीय कोचिंग विनियमन अधिनियम के तहत किसी भी कोचिंग संस्थान का शिक्षा विभाग से पंजीकृत होना अनिवार्य है। लेकिन जांच में सामने आता है कि कई संस्थान बिना किसी वैध कागजात और योग्यता-मापदंडों के सिर्फ विज्ञापनों के दम पर छात्रों से मोटी फीस वसूल रहे हैं।
”हम छात्रों से हजारों रुपये फीस तो लेते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और सही माहौल की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।” — नाम न छापने की शर्त पर एक अभिभावक ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा।
*प्रशासन की चेतावनी: होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग अब एक्शन मोड में आ गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि:
सघन जांच अभियान: जल्द ही पूरे शहर में विशेष टीमों द्वारा कोचिंग संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट और रजिस्ट्रेशन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
सीलिंग और एफआईआर: बिना मानक और बिना रजिस्ट्रेशन पाए जाने वाले सेंटरों को तुरंत सील (Seal) किया जाएगा और संचालकों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर: नक्शा पास न होने या अवैध रूप से व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाली इमारतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों से अपील:
प्रशासन ने अभिभावकों और छात्रों से भी अपील की है कि किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी फायर NOC, इमरजेंसी एग्जिट और सरकारी पंजीकरण की जांच अवश्य कर लें। चंद रुपयों की बचत या झूठे विज्ञापनों के चक्कर में बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें।
