कोऑपरेटिव बैंक वर्कर्स यूनियन अपने हक के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष को तैयार

संवाददाता समर्थ कुमार सक्सेना
लखनऊ। कोऑपरेटिव बैंक वर्कर्स यूनियन, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित संवाद में सहकारी बैंकों के कर्मचारियों ने वर्षों से लंबित मांगों पर अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
संवाद में सहकारी बैंकों के एकीकरण, वर्षों से रुकी हुई भर्तियों को शीघ्र शुरू करने, सेवा नियमावली 1975 में संशोधन, “एक काम एक दाम” नीति लागू करने, और सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने जैसे मुख्य मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
प्रदेश महामंत्री शिशिर शर्मा ने कहा कि सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को भी अन्य सरकारी सेवकों की तरह समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के बढ़ते कार्यभार और सुविधाओं में कमी को लेकर व्यापक रणनीति तैयार कर शासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संवाद में प्रदेश भर से प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया और संघर्ष को मजबूती देने का संकल्प लिया। बैठक का संचालन शुभम तिवारी, मोहम्मद जुबेर, प्रवीण बाल्यान, अनिल कुमार, विक्रांत गुप्ता, अमित कुमार गोस्वामी, मनीष शर्मा, सर्वेंद्र कुमार, रामदेव बिंद, राजमहेंद्र, नेत्रपाल सिंह, शैलेश मिश्रा, रविंद्र सिंह, आयुष द्विवेदी, राहुल यादव, महेश यादव, रमेश चंद, श्रीमती माधुरी सिंह और अन्य वरिष्ठ साथियों द्वारा किया गया।
इन सभी साथियों ने कर्मचारियों की एकता और संघर्ष को नई दिशा देने के लिए विशेष भूमिका निभाई। सभी ने एक स्वर में कहा कि अब अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।

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