लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चिकित्सा क्षेत्र में इन दिनों एक तथाकथित पत्रकार की ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का मामला गरमाया हुआ है। हरदोई जिले के बेनीगंज का रहने वाला आशीष सिंह खुद को ‘जन एक्सप्रेस’ समाचार पत्र का पत्रकार बताकर लखनऊ के कई अस्पतालों को अपना निशाना बना रहा है।
खबरों के नाम पर अस्पतालों को डरा-धमकाकर मोटी रकम वसूलना इसका मुख्य पेशा बन चुका है।आपराधिक इतिहास और पीडीएफ का खेलस्थानीय सूत्रों और पीड़ित अस्पताल संचालकों के मुताबिक, आशीष सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है
और उसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान में उसने अवैध वसूली का एक नया तरीका निकाला है। वह खबरों की फर्जी या भ्रामक ‘पीडीएफ’ (PDF) तैयार करता है और उसे अस्पताल संचालकों को भेजकर खबर न छापने के एवज में रुपयों की मांग करता है। लखनऊ के कई प्रतिष्ठित और छोटे अस्पताल इसकी इस ब्लैकमेलिंग का शिकार हो चुके हैं।
किसान यूनियन के पद का दुरुपयोग कार्रवाई से बचने और समाज में अपना रौब जमाने के लिए आशीष सिंह ने नया पैंतरा बदला है।
वह आजकल खुद को
‘भारतीय किसान मजदूर दशहरी यूनियन’ का मंडल मीडिया प्रभारी
बताता है। इस संगठन के पद की धौंस दिखाकर वह न सिर्फ आम जनता को बेवकूफ बना रहा है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों पर भी दबाव बनाने का प्रयास करता है।जनता और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग पीड़ितों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि अगर इस फर्जी पत्रकार के खिलाफ जल्द ही कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह भोले-भाले लोगों और चिकित्सा व्यवस्था को इसी तरह लूटता रहेगा।
मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के संकल्प को ठेंगा दिखाते हुए यह आरोपी खुलेआम घूम रहा है।
सजग नागरिकों ने लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और शासन से मांग की है कि आशीष सिंह के खिलाफ तत्काल जांच बैठाकर रंगदारी (अवैध वसूली) का मुकदमा दर्ज किया जाए और उसे सलाखों के पीछे भेजा जाए।
