लखनऊ/गाजियाबाद/मेरठ: भीषण गर्मी और लगातार बिजली संकट के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बड़े अधिकारियों पर गाज गिरा दी है। गाजियाबाद में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राहुल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि मेरठ के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश कुमार पर भी सख्त कार्रवाई करते हुए सस्पेंशन की कार्रवाई की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही, बिजली आपूर्ति व्यवस्था में ढिलाई और हीट वेव के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित न करने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि तकनीकी खराबी के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल करने में अनावश्यक देरी की गई, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
सरकारी दस्तावेज़ों के अनुसार, 220 केवी लाइन में तकनीकी फॉल्ट के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, लेकिन विभागीय स्तर पर समय रहते बैकअप व्यवस्था नहीं की गई। इस लापरवाही को शासन ने बेहद गंभीर मानते हुए तुरंत कार्रवाई कर दी।
बताया जा रहा है कि निलंबित अधिकारी राहुल को मेरठ मुख्यालय से अटैच किया गया है। वहीं ऊर्जा विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि बिजली संकट में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और जरूरत पड़ने पर अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
हीट वेव में बिजली संकट पर सरकार सख्त
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ रही है। ऐसे में सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि “बिजली व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर अब सीधी कार्रवाई होगी।”
⚡ सवाल बड़ा है — क्या सिर्फ सस्पेंशन से सुधरेगी बिजली व्यवस्था या जिम्मेदारों की लंबी सूची अभी बाकी है?
