लखनऊ। क्रिएटिव कॉन्वेंट कॉलेज, सरोजिनी नगर के छात्र सक्षम तिवारी ने विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में अपनी रुचि और रचनात्मक सोच का परिचय देते हुए स्मार्ट वस्तु पहचान एवं रडार प्रणाली तैयार की है। इस परियोजना के माध्यम से उन्होंने रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रोग्रामिंग को एक साथ जोड़कर एक ऐसा कार्यशील मॉडल तैयार किया है, जो सामने मौजूद वस्तुओं की दूरी और दिशा की जानकारी कंप्यूटर की स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है।
इस परियोजना को तैयार करने में अरुडिनो यूनो, एचसी-एसआर04 अल्ट्रासोनिक सेंसर, सर्वो मोटर, पांच बटन, बजर, ब्रेडबोर्ड और जम्पर तारों का उपयोग किया गया है। प्रणाली में सर्वो मोटर सेंसर को अलग-अलग कोणों पर घुमाती है। सेंसर सामने मौजूद वस्तु की दूरी मापता है और प्राप्त जानकारी अरुडिनो यूनो के माध्यम से कंप्यूटर तक पहुंचाई जाती है। इसके बाद कंप्यूटर पर प्रसंस्करण सॉफ्टवेयर की सहायता से जानकारी को एक गतिशील रडार के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
रडार की स्क्रीन पर सेंसर का कोण और वस्तु की दूरी दिखाई देती है। इससे यह आसानी से समझा जा सकता है कि वस्तु किस दिशा में मौजूद है और सेंसर से उसकी दूरी कितनी है। प्रणाली में लगाए गए पांच बटनों की मदद से सेंसर की दिशा को नियंत्रित करने की सुविधा भी दी गई है। इसके अलावा क्षेत्र को स्वचालित रूप से स्कैन करने और आवश्यकता पड़ने पर प्रणाली को रोकने की सुविधा भी इसमें शामिल की गई है।
मॉडल में चेतावनी की सुविधा भी दी गई है। यदि कोई वस्तु निर्धारित दूरी के भीतर आती है तो बजर के माध्यम से संकेत मिलता है। इस तरह परियोजना में वस्तु की दूरी मापने, दिशा पहचानने, क्षेत्र को स्कैन करने और चेतावनी देने जैसी सुविधाओं को एक साथ जोड़ा गया है।
सक्षम तिवारी के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य तकनीक को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उसे प्रयोग और कार्यशील मॉडल के माध्यम से समझना है। परियोजना तैयार करने के दौरान उन्हें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जोड़ने, सेंसर से जानकारी प्राप्त करने, मोटर को नियंत्रित करने और कंप्यूटर पर वास्तविक समय में जानकारी प्रदर्शित करने की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।
विद्यालय स्तर पर तैयार किया गया यह मॉडल विद्यार्थियों के लिए विज्ञान और तकनीक को व्यावहारिक रूप से समझने का उदाहरण है। ऐसे प्रोजेक्ट विद्यार्थियों में रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रोग्रामिंग के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीक पर प्रयोग करने और अपनी कल्पनाओं को कार्यशील मॉडल में बदलने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। सक्षम का यह प्रयास विद्यालय में तकनीकी शिक्षा और नवाचार की दिशा में एक उपयोगी पहल के रूप में सामने आया है।
